Friday, April 12, 2024
Homeदेश-समाजUP में PFI के 25 सदस्य गिरफ्तार: DGP ने संगठन पर बैन के लिए...

UP में PFI के 25 सदस्य गिरफ्तार: DGP ने संगठन पर बैन के लिए गृह मंत्रालय को लिखा पत्र

लखनऊ में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए लॉ एंड ऑर्डर आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पीएफआई से जुड़े 25 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

उत्तरप्रदेश में सीएए के ख़िलाफ़ भड़की हिंसा पर कट्टरपंथी समूह पीएफआई की भूमिका लगातार घेरे में आ रही है। कई आला अधिकारी और राजनेता इस समूह को प्रत्यक्ष रूप से दंगों के लिए जिम्मेदार बता चुके हैं। ऐसे में यूपी के आईजी, लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने जानकारी दी है कि उन्होंने इस समूह के 25 लोगों को विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। साथ ही यूपी के डीजीपी ने भी इस समूह को प्रतिबंधित करने के लिए गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है।

मीडिया रिपोर्ट्स से अनुसार लखनऊ में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए लॉ एंड ऑर्डर आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पीएफआई से जुड़े 25 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

इसके अलावा, बता दें, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने भी इस समूह को प्रतिबंधित करने के लिए गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 19 दिसंबर को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में जाँच के दौरान पीएफआई की संलिप्तता पाई गई।

जिसके बाद डीजीपी ओपी सिंह के पत्र पर देश के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि हिंसा में PFI की भूमिका आगे आ रही है, गृह मंत्रालय सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा। PFI पर स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से संबंध सहित कई आरोप हैं।

गौरतलब है कि नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ यूपी में हुई हिंसा में बीते दिनों पीएफआई से लिंक मिलने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि संगठन से जुड़े आरोपितों के यहाँ से आपत्तिजनक सामग्रियाँ, साहित्य, सीडी आदि मिले थे। जिसको आधार बनाकर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया नामक संगठन को बैन करने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार ने भेजा।

अब कहा जा रहा है कि प्रदर्शन के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई के रोल पर जाँच का दायरा और ज्यादा बढ़ सकता है। क्योंकि पीएफआई 7 राज्यों में पिछले कई महीनों से सक्रिय है। इनमें दिल्ली, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, केरल, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Searched termsCAA protest
ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बबुआ, माफी मत माँगना चाहे सिर कट जाए’: माँ की ‘आखिरी सीख’ ने बनाया आज का राजनाथ, कॉन्ग्रेसी राज में अंतिम संस्कार तक में...

केंद्रीय रक्षा मंत्री की अपनी माँ से आखिरी मुलाकात तब हुई थी जब उन्हें जेल ले जाया जा रहा था। माँ ने उनसे कहा था वो किसी कीमत पर माफी न माँगे।

जहाँ से निर्दलीय लड़ रहे रवींद्र सिंह भाटी के सोशल मीडिया में चर्चे, वह जमीन ‘मोदी मोदी’ के नारों से गूँज उठा: बाड़मेर में...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र बाड़मेर में एक रैली की और कॉन्ग्रेस पर इस क्षेत्र को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe