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कानपुर में 100 की स्पीड से दौड़ रही कार ने 5 महिलाओं को रौंदा, 4 की मौत: मोहम्मद अहमद के नाम पर है गाड़ी, डेढ़ साल में कट चुका है 16 चालान

जिस ईको कार से पाँचों महिलाओं को कुचला गया है, उसके बारे में ऑपइंडिया ने पड़ताल की। गाड़ी का मालिक मोहम्मद अहमद है। मोहम्मद अहमद कानपुर के राजीव नगर का रहने वाला है। यह गाड़ी साल 2022 में कमर्शियल कामों के लिए खरीदी गई थी। लगभग डेढ़ साल के अंदर ही इस वाहन के 16 अलग-अलग मौकों पर चालान हुए हैं। इसमें अधिकतर चालान अवैध तौर पर पार्किंग के हैं।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में मंगलवार (21 मई 2024) को मोहम्मद अहमद की बेकाबू कार ने 5 महिलाओं को रौंद दिया। इसमें अब तक 4 महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि 1 महिला गंभीर रूप से घायल है। मृतकाओं के नाम पूनम पांडेय, दिव्या पांडेय, सरिता द्विवेदी और ज्योति हैं। अपर्णा का इलाज चल रहा है। घटना के समय मारुति ईको कार की स्पीड 100 बताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना कानपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र की है। मंगलवार की शाम यहाँ 50 वर्षीया पूनम पांडेय अपनी बेटी दिव्या और सरिता द्विवेदी, ज्योति और अपर्णा के साथ हाथीपुर का फ्लाईओवर पार कर रही थीं। सभी महिलाएँ एक ही परिवार की हैं। इसी दौरान फतेहपुर से एक मारुति ईको कार तेजी से हाइवे पर कानपुर की तरफ निकली।

गाड़ी मोहम्मद अहमद की बताई जा रही है। घटना के वक्त कार की स्पीड लगभग 100 के आसपास बताई जा रही है। इस कार ने सड़क पार कर रही पाँचों महिलाओं को रौंद दिया। इसके बाद वाहन डिवाइडर से जा टकराया। इसके बाद कार चला रहा ड्राइवर गाड़ी छोड़ कर भाग गया। हादसे के बाद अफरातफरी मच गई। मौके पर पुलिस और एम्बुलेंस पहुँची। मोहम्मद अहमद कानपुर का ही रहने वाला है।

पूनम, सरिता और ज्योति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दिव्या ने अस्पताल ले जाते हुए दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल अपर्णा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अपर्णा को बेहतर इलाज के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक सभी महिलाएँ एक दूसरे से मिलने आईं थीं। पुलिस ने केस दर्ज करके फरार आरोपित की धर-पकड़ शुरू कर दी है।

2 साल में 16 चालान, एक भी नहीं भरा

जिस ईको कार से पाँचों महिलाओं को कुचला गया है, उसके बारे में ऑपइंडिया ने पड़ताल की। गाड़ी का मालिक मोहम्मद अहमद है। मोहम्मद अहमद कानपुर के राजीव नगर का रहने वाला है। यह गाड़ी साल 2022 में कमर्शियल कामों के लिए खरीदी गई थी। लगभग डेढ़ साल के अंदर ही इस वाहन के 16 अलग-अलग मौकों पर चालान हुए हैं। इसमें अधिकतर चालान अवैध तौर पर पार्किंग के हैं।

सरिता द्विवेदी की शव यात्रा

चालान की कुल रकम 20 हजार से भी अधिक है, जिसे अब तक नहीं भरा गया है। घटना में मृतकाओं का पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय लोगों मौजूद रहे। ऑपइंडिया ने गाड़ी मालिक मोहम्मद अहमद का पक्ष जानने के लिए उनके नंबर पर सम्पर्क किया तो फोन बंद आया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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