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एक परिवार के 4 लोग सिर्फ 15 दिन में… पुणे में कोरोना के कारण एक-एक कर जली सबकी चिता

“28 मार्च को मेरी पत्नी की हालत खराब हो गई। 30 मार्च को उसकी मौत हो गई। 3 अप्रैल को छोटे साले रोहित की मौत हुई। सास ने 4 अप्रैल को दम तोड़ा और मेरे दूसरे साले अतुल का तीन दिन पहले निधन हो गया।”

पुणे से एक दिल दहलाने वाली खबर है। कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण ने एक पूरे खानदान को खत्म कर दिया है। महाराष्ट्र में कोरोना लगातार जानलेवा हो रहा है। पुणे के एक परिवार में जब संक्रमण पहुँचा तो उसने चार लोगों की जान ले ली

पिछले पंद्रह दिनों में एक-एक कर जाधव परिवार के चार लोग मौत के हवाले हो गए। माँ अलका जाधव, भाई रोहित जाधव, अतुल जाधव और बहन वैशाली गायकवाड की कोरोना से मौत हो गई। पूजा के कार्यक्रम में यह परिवार इकट्ठा हुआ था। पूजन के कार्यक्रम के बाद घर में कोरोना का संक्रमण एक-दूसरे को फैलता गया और देखते ही देखते जाधव परिवार खत्म होता गया।

कोरोना से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत होने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सिर्फ 15 दिनों में परिवार के 4 लोगों की मौत से कोरोना के खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पूजा में शामिल हुए थे

जाधव परिवार ने कुछ दिनों पहले घर में पूजा का आयोजन किया था। इस पूजा के कार्यक्रम में घर के सभी सदस्य सम्मिलित हुए। इनमें से किसी एक से सबको एक के बाद एक कोरोना का संक्रमण होता गया। धीरे-धीरे सबकी तबीयत बिगड़ती गई और फिर जब तक परिवार एक धक्के से सँभलता कि दूसरा धक्का आ जाता और देखते ही देखते सिर्फ 15 दिनों में पूरा परिवार तबाह हो गया, बर्बाद हो गया।

बहन वैशाली के पति अरुण गायकवाड ने बताया कि 15 मार्च को उनके ससुर की जनवरी में हुई मौत के बाद कुछ रस्में करने के लिए पूरा परिवार इकट्ठा हुआ था। भारतीय वायु सेना में काम करने वाले गायकवाड ने बताया, “हम उनके घर पर इकट्ठे हुए थे। मेरे साले रोहित को सर्दी और खाँसी थी। उसकी हालत बिगड़ती गई और टेस्ट में वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद एक-एक कर परिवार के 17 लोग कोरोना पॉजिटिव हुए, जिसमें मेरी पत्नी, बेटी, दूसरा साला और सास शामिल थीं।”

गायकवाड ने रुँधे गले से कहा, “28 मार्च को मेरी पत्नी की हालत खराब हो गई। मुझे उसके लिए ICU बेड लेने के लिए काफी दौड़ना पड़ा। 30 मार्च को उसकी मौत हो गई। 3 अप्रैल को रोहित की मौत हो गई। मेरी सास ने 4 अप्रैल को दम तोड़ दिया और मेरे दूसरे साले अतुल का तीन दिन पहले निधन हो गया।” 

उन्होंने कहा कि यह एक दु:स्वप्न की तरह है। एक तरफ जहाँ परिवार के बीमार सदस्यों के लिए दवाइयों और बिस्तर की व्यवस्था के लिए जूझ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उसी समय में परिवार के मृत सदस्य के अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था कर रहे थे। गायकवाड ने कहा, “मैं लोगों से इस महामारी को हल्के में नहीं लेने की अपील करता हूँ। नियमों का पालन करें और अपना और अपने परिवार के सदस्यों का ख्याल रखें।”

पुणे में कोरोना की स्थिति भयंकर

पुणे में कोरोना की स्थिति भयंकर से भयंकर होती जा रही है। हर रोज कोरोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। भारत में सबसे ज्यादा एक्टिव पॉजिटिव केस पुणे में हैं। भारत में जो तीन सबसे बुरी तरह प्रभावित शहर हैं, वे तीनों महाराष्ट्र से ही हैं। मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक पिछले एक महीने में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमितों की संख्या में एक से लेकर चार नंबर तक कायम हैं।

पुणे में कोरोना की इसी भयानक वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए सभी हाउसिंग सोसाइटियों पर बाहर से किसी भी आने वाले व्यक्ति को प्रवेश देने पर पाबंदी लगाई गई है। लॉकडाउन सख्त कर दिया गया है और कर्फ्यू के नियमों को तोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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