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कर्नाटक के करिंजा मंदिर में जूते पहन घुसे रहमान-इस्माइल सहित चार युवक, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

केरल में पिछले साल मलप्पुरम जिले के वन्नियामबलम मंदिर में जूते पहन कर प्रवेश करने वाली एक महिला के खिलाफ श्री त्रिपुरसुंदरी देवी मंदिर के सचिव सरथ कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला ने हिजाब पहन रखा था।

कर्नाटक पुलिस ने दक्षिण कन्नड़ जिले के बंटवाल तालुका के करिंजा मंदिर में बिना जूते उतारे प्रवेश करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मस्तीकते उल्लाल निवासी बुशर रहमान (20 वर्ष), मुक्काचेरी हाउस उल्लाल निवासी इस्माइल अरहमाज (22 वर्ष), हलेकोट हाउस उल्लाल के मोहम्मद तानिश (19 वर्ष) और बब्बूकट्टे पर्मन्नूर के मोहम्मद रशद (19) के रूप में हुई है। 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इनकी गिरफ्तारी एक वीडियो के वायरल होने के बाद हुई। इस वीडियो में आरोपित बिना जूता उतारे मंदिर में प्रवेश करते हुए देखे गए। इसके बाद विनय कुमार ने करिंजा मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष की ओर से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295 के तहत दक्षिण कन्नड़ जिले के पुंजालकट्टे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने यह वीडियो 2 नवंबर को देखा था। उन्होंने पाया कि यह वीडियो 7 अक्टूबर को ही अपलोड किया गया था। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में बिना जूता उतारे प्रवेश करने से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। घटना की निंदा करते हुए हिंदू जागरण वेदिक (HJV) की पुत्तूर जिला इकाई ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का समय दिया था। यह चेतावनी पुत्तूर जिला संपर्क प्रमुख नरसिम्हा मणि ने 3 नवंबर को दी थी। मणि ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि गिरफ्तारी न करने के कारण होने वाली किसी भी घटना और इसके दुष्परिणामों के लिए वह सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा।

मणि ने कहा, “इस तरह के कृत्य, जो मंदिरों की पवित्रता को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से होते हैं, वे समय-समय पर होते रहे हैं। हम माँग करते हैं कि मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। लोगों को करिंजा और नरहरि पर्वत जैसी जगहों पर मस्ती करने और अशिष्ट व्यवहार करने से रोका जाना चाहिए। करिंजा में पुलिस चौकी को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।”

उल्लेखनीय है कि हाल ही में केरल में धार्मिक स्थल पर जूते पहनकर फोटो खिंचवाने के आरोप में पुलिस ने मलयालम टीवी एक्ट्रेस निमिषा बीजो और उनकी दोस्त उन्नी को गिरफ्तार किया था। सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहने वाली निमिषा पर मंदिर समिति की ओर से लोगों की भावनाएँ आहत करने और ‘पल्लियोडम’ यानी ‘साँप की पवित्र नौका’ पर जूते पहनकर फोटोशूट कराने का आरोप लगाया गया था।

वहीं, केरल में पिछले साल मलप्पुरम जिले के वन्नियामबलम मंदिर में जूते पहन कर प्रवेश करने वाली एक महिला के खिलाफ श्री त्रिपुरसुंदरी देवी मंदिर के सचिव सरथ कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला ने हिजाब पहन रखा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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