Homeदेश-समाज9 साल का बच्चा, वायरल अश्लील वीडियो: अमेरिका से दिल्ली तक जाँच, राजधानी के...

9 साल का बच्चा, वायरल अश्लील वीडियो: अमेरिका से दिल्ली तक जाँच, राजधानी के नामी स्कूल का है छात्र

बच्चे के ख़िलाफ़ भारत में शिकायत देने वाली अमेरिकी एनजीओ NCMEC सोशल मीडिया पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर नजर रखती है। और, जब कभी इस तरह का मामला सामने आता है तो वह संबंधित देश को बताती है

दिल्ली के निजामुद्दीन थाना पुलिस ने एक 9 साल के बच्चे के ऊपर अश्लील फिल्म बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में केस दर्ज किया है। ये बच्चा दिल्ली के एक नामी स्कूल का छात्र है, जिसने अपने पिता का फोन लेकर वीडियो वायरल की थी।

मीडिया में सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस केस को अमेरिकी एनजीओ NCMEC (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉयटिड चिल्ड्रन) की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसके बाद इस केस में बच्चे से पूछताछ हुई। दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि आरोपित बच्चा दक्षिण दिल्ली के एक मशहूर स्कूल में पढ़ता है और वह बस 9 साल का है।

अधिकारी के मुताबिक, बच्चे ने सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल करने के लिए अपने पिता के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। इस काम के लिए पहले उसने ई-मेल आईडी बनाई और फिर उसे अपलोड किया। पुलिस का कहना है कि उन्हें ये बात अब तक समझ नहीं आ रही है कि आखिर बच्चे पर अश्लील वीडियो आई कहाँ से। रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चा के पिता कम पढ़े-लिखे थे, इसलिए वह इस स्थिति का फायदा उठाता था।

बता दें कि बच्चे के ख़िलाफ़ भारत में शिकायत देने वाली अमेरिकी एनजीओ सोशल मीडिया पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर नजर रखती है। और, जब कभी इस तरह का मामला सामने आता है तो वह संबंधित देश को बताती है। इस केस में भी पहले एनसीएमईसी ने बच्चे का मामला एनसीआरबी को बताया। फिर, एनसीआरबी ने ये जानकारी दिल्ली पुलिस को दी और अब दिल्ली पुलिस इस केस की जाँच कर रही है।

उल्लेखनीय है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस भी ऑपरेशन ‘मासूम’ चला रही है। इसे स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट और सभी जिला पुलिस के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। विभिन्न थानों में अब तक इस संबंध में 100 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं 97 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -