Saturday, September 26, 2020
Home देश-समाज मैं तो बस एक झूठ लेकर चला था, 'वायर' जुड़ते गए, और 'कारवाँ' बनता...

मैं तो बस एक झूठ लेकर चला था, ‘वायर’ जुड़ते गए, और ‘कारवाँ’ बनता गया…

बात सीधी है कि अगर आपने सही जाँच की है, या आपको लगता है कि आपके तथ्य सही हैं तो फिर इसमें प्रेस फ़्रीडम कहाँ से आ जाता है? या तो कहिए कि कोर्ट पर आपको विश्वास है, या फिर पत्रकारिता के नाम पर किसी का चरित्र हनन बंद कर दीजिए। आप लोगों का तो कोई चरित्र है नहीं, जिनका है वो तो दावा ठोकेंगे ही

झूठ और प्रपंच फैलाने के कई तरीके होते हैं। कुछ पर तो बड़े-बड़े, घाघ, पत्रकारों ने सुव्यवस्थित तरीके से शोध कर रखा है, और उन तरीक़ों का इतनी चालाकी से इस्तेमाल करते हैं कि आप पहले तो ‘ऑ’ करते रह जाएँगे, और बाद में पता चलेगा कि वो जो तरीक़ा बता रहा था कि ऐसे झूठ बोला जाता है, खुद उसने वही तरीक़ा अपनाया।

ऐसे में आपको ‘द वायर’, रवीश के प्राइम टाइम और ‘कारवाँ’ नामक मैग्ज़ीन की याद खूब आएगी। नहीं भी आएगी तो हम दिलाएँगे। कारवाँ एक ऐसा मैग्ज़ीन है, जिसके बारे में आप तभी सुनते हैं जब रवीश कुमार फ़ेसबुक पर लेख लिखकर जताते हैं कि उस शाम के प्राइम टाइम में क्या कवर किया जाएगा। बहुत समय लेकर, घाघपने के साथ बताया जाता है कि पत्रकारिता के छात्रों को यह मैग्ज़ीन और ऐसी पत्रकारिता ज़रूर पढ़नी चाहिए। पढ़ने को लेकर मैं भी सहमत हूँ, लेकिन इसे ‘घटिया पत्रकारिता से कैसे बचें’ जैसे प्रश्नों के उत्तर के लिए पढ़ना चाहिए। 

अगर आपको गोएबल्स का कथन याद न आ रहा हो, तो मैं याद दिला देता हूँ। रवीश कुमार हिटलर के प्रोपेगेंडा मिनिस्टर को खूब याद करते हैं। ये बात और है कि एक धूर्त आदमी ‘सेव कैसे नहीं खाना चाहिए’ बताते हुए सेव खा लेता है। रवीश वही करता है, वो बताएगा कि गोएबल्स कैसे एक ही झूठ को बार-बार चलाता था, ताकि वो सच लगने लगे। ये बात उन्होंने जस्टिस लोया के केस में प्राइम टाइम और फ़ेसबुक पोस्टों की झड़ी लगाकर साबित की; उसके बाद अमित शाह के बेटे जय शाह पर लगे आरोपों पर करके की; और अब अजीत डोभाल को ‘डी कम्पनी’ कहते हुए लिखकर कर रहे हैं। राफ़ेल पर तो ख़ैर उन्होंने राहुल गाँधी से ज़्यादा ही ‘जाँच क्यों नहीं कराते’ कहकर लहरिया लूटा ही है। 

इनके मीडिया हिट जॉब को समझने के लिए ‘कारवाँ’ शब्द को समझना ज़रूरी है। ये कारवाँ एक गिरोह है, जिसके सदस्य वही पुराने चोर हैं जिनके लिए व्यक्ति विशेष से घृणा ही निष्पक्षता का एकमात्र मानदंड रह गया है। यही कारण है कि जब कॉन्ग्रेस राज की तरह के सुनियोजित घोटाले, भ्रष्टाचार की नई इबारतें, पॉलिसी पैरालिसिस वाली नाउम्मीदियाँ नहीं दिखीं तो ये लोग क्रिएटिव होने लगे। 

- विज्ञापन -

इसी क्रिएटिविटी के चक्कर में सारे लॉजिक को फ़्लश करके, इन्होंने जस्टिस लोया की मौत को ऐसे दिखाया जैसे कि आजतक कोई भी जज हार्ट अटैक से नहीं मरा हो। इस पर कारवाँ और द वायर से लेकर रवीश कुमार तक ने वो बवाल काटा, वो बवाल काटा कि अगर संभव होता तो जस्टिस लोया अपनी राख से खड़े होकर इनके कॉलर पकड़कर दो-चार थप्पड़ ज़रूर लगा देते। बेटे ने कह दिया कि उसे अकेला छोड़ दिया जाए, सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया कि इसमें कोई संदेहास्पद बात नहीं, फिर भी किसी की मौत से उठे सुसंयोग को कैसे छोड़ देते! 

क्योंकि जज की मौत को अगर हत्या बताकर लोगों के दिमाग में ये सेट कर दिया जाए कि सुप्रीम कोर्ट का जज भी अमित शाह और मोदी से सुरक्षित नहीं है, तो लोगों का विश्वास उस अंतिम संस्था पर से भी उठ जाएगा जो दही हांडी की ऊँचाई नापने से लेकर आतंकियों की फाँसी रोकने के लिए रात के दो बजे खुल जाती है! 

जब पारंपरिक तरीक़ों से घेरा न जा सके, जब कैग या सुप्रीम कोर्ट ही क्लीन चिट दे दे, तो एक ही रास्ता बचता है कि लगातार झूठ बोलते हुए, ऐसी स्थिति बना दी जाए कि असमंजस की स्थिति में बैठा व्यक्ति सोचने लगे कि आख़िर जाँच करवाने में क्या जाता है! ये बात और है कि क्या इन मामलों की वैसे जाँच हो सकती है जैसे रवीश या राहुल बोलते हैं? उस डिटेल में न तो आज तक राहुल गाँधी गए हैं न रवीश क्योंकि बाक़ी समय अपनी अलमारी के पीछे छुपाए नालसर के एक्सपर्ट को ये बुलाकर रख लेते हैं, लेकिन जहाँ सच में आम जनता को बताना पड़े कि क्या राफ़ेल पर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी जाँच कर सकती है, तो उस एक्सपर्ट का इयरफोन खो जाता है! 

ऐसे में ही इसी गिरोह ने, वायर-रवीश-कारवाँ, अमित शाह के बेटे पर हमला बोला था और आँकड़ों को अपने हिसाब से पेश किया था। तीन साल तक की प्रॉफ़िट दिखाओ, चौथे साल टर्नओवर पर आ जाओ ताकि बताया जा सके कि देखो-देखो, कितना ज़्यादा टर्नओवर हो गया है! ये पूरा तथाकथित ‘रिसर्च’ इतना वाहियात था कि कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या इस पर कोई केस ही नहीं बनता। सौ करोड़ का मानहानि का दावा झेलते वायर और गिरोह ने हल्ला किया था कि आपातकाल आ गया है, प्रेस स्वतंत्रता का गला घोंटा जा रहा है। 

यहाँ पर एक बात सीधी है कि अगर आपने सही जाँच की है, या आपको लगता है कि आपके तथ्य सही हैं तो फिर इसमें प्रेस फ़्रीडम कहाँ से आ जाता है? या तो कहिए कि कोर्ट पर आपको विश्वास है, या फिर पत्रकारिता के नाम पर किसी का चरित्र हनन बंद कर दीजिए। आप लोगों का तो कोई चरित्र है नहीं, जिनका है वो तो दावा ठोकेंगे ही। न्यायालय पर विश्वास नहीं है तो उसी के जजमेंट पर एक समय पर ‘लोकतंत्र की जीत हुई है’ और दूसरे समय ‘लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है’ बोलना बंद कीजिए। 

आजकल विवेक डोभाल, अजीत डोभाल के सुपुत्र, पर कैमेन आइलैंड में एक कम्पनी बनाने को लेकर घेरा जा रहा है। इसे सिर्फ़ इस बात पर इशू बनाया जा रहा है कि कैमेन आइलैंड तो टैक्स हैवन है, तो जो भी होगा इल्लीगल ही होगा। ये तो वही बात हो गई कि एप्पल स्टोर में गए तो आइफोन ही लेने गए होंगे क्योंकि वही सबसे ज़्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट है! 

ये कौन-सा लॉजिक है? क्या आपके पास कोई दस्तावेज है? या आप बस प्रतियोगी परीक्षाओं में पास न कर पाने के कारण विवेक के चाचा के फुआ के मामा के लड़के की मौसेरी बहन के पति और विवेक में संबंध दिखाकर कुछ ज़्यादा कहे बिना उसे ‘फ़ैक्ट’ की तरह ऐसे दिखाते हो कि क्योंकि ये जुड़े हुए हैं, तो कुछ इल्लीगल ही कर रहे होंगे! इस विषय पर जल्द ही आपको और भी पढ़ने को मिलेगा। 

फ़िलहाल, विवेक डोभाल ने आपराधिक मानहानि का दावा ठोका है मैग्ज़ीन, उसके संपादक और जयराम रमेश पर जिन्होंने अपने आका राहुल की तरह की ‘सौ करोड़, हज़ार करोड़’ की बेबुनियाद बातें बोलकर खुद को इसका हिस्सा बनाया है। देखना यह है कि ‘देश में आपातकाल आ गया’, ‘सरकार फासीवादी है’, ‘विरोध और असहमति को कुचला जा रहा है’ का कोरस कब से गाया जाएगा।

ये लोग बहुत ही सहजता से यह बात भूल जाते हैं कि विरोध और असहमति विचारों से होती है, तथ्यों से नहीं। विवेक डोभाल ने 2001 से लेकर आज तक के सारे काग़ज़ात कोर्ट के सामने बिना माँगे रख दिए हैं। अब ये देखना रोचक होगा कि गिरोह के गिरे हुए सत्यान्वेषी पत्रकार, संपादक और नेता जी कौन सा कुतर्क लेकर पेश होते हैं। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘हमें आईएसआई का आदेश है, सीएए विरोधी प्रदर्शन को उग्र बनाना है’: दिल्ली दंगों में अतहर खान ने लिए 3 नाम

दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार अतहर खान ने तीन ऐसे लोगों के नाम लिए हैं जो खालिस्तान समर्थक हैं और आईएसआई के लगातार संपर्क में थे।

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

NCB आज दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करने वाली है। उससे पहले रकुल प्रीत ने क्षितिज का नाम लिया है, जो करण जौहर के करीबी बताए जाते हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

एजाज़ ने प्रिया सोनी से कोर्ट मैरिज के बाद इस्लाम कबूल करने का बनाया दबाव, मना करने पर दोस्त शोएब के साथ रेत दिया...

"एजाज़ ने प्रिया को एक लॉज में बंद करके रखा था, वह प्रिया पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। जब वह अपने इरादों में कामयाब नहीं हुआ तो उसने चोपन में दोस्त शोएब को बुलाया और उसके साथ मिल कर प्रिया का गला रेत दिया।"

बिहार चुनाव: गुप्तेश्वर पांडे, पुष्पम प्रिया, प्रशांत किशोर, कन्हैया, चिराग: अजीत भारती का वीडियो। Ajeet bharti on Bihar Elections

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीख आ गई। 243 सीटों पर तीन चरणों में मतदान होगा। बिहार चुनाव के बारे में विश्लेषकों द्वारा जातिवाद पर बात करना मूर्खता है।

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

’24 घंटे के भीतर मुख्तार अंसारी को छोड़ो वरना सरकार मिटा देंगे, CM योगी को भी नहीं छोड़ेंगे’

मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद माफियाओं की बौखलाहट नजर आने लगी है। सीएम योगी आदित्यनाथ को धमकी दी गई है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘हमें आईएसआई का आदेश है, सीएए विरोधी प्रदर्शन को उग्र बनाना है’: दिल्ली दंगों में अतहर खान ने लिए 3 नाम

दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार अतहर खान ने तीन ऐसे लोगों के नाम लिए हैं जो खालिस्तान समर्थक हैं और आईएसआई के लगातार संपर्क में थे।

बेंगलुरु ब्लास्ट: केरल से धराए गुलनवाज की जड़ें यूपी में, अब्बू ने कहा- मेरा बेटा आतंकी नहीं हो सकता

आतंकी मुहम्मद गुलनवाज ने हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल कर लश्कर के लिए फंडिंग जुटाई थी ताकि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।

झारखंड: पहाड़िया जनजाति की नाबालिग से गैंगरेप, अंसारी गिरफ्तार; पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप

झारखंड के गोड्डा जिले में पहाड़िया जनजाति की नाबालिग से चार लोगों ने रेप किया। आरोपितों में से एक महताब अंसारी गिरफ्तार कर लिया गया है।

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

NCB आज दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करने वाली है। उससे पहले रकुल प्रीत ने क्षितिज का नाम लिया है, जो करण जौहर के करीबी बताए जाते हैं।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,048FollowersFollow
324,000SubscribersSubscribe
Advertisements