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HC में जयपुर गोल्डन अस्पताल के वकील ने केजरीवाल को ठहराया जिम्मेदार, अस्पतालों को उनके हाल पर छोड़ने से हुईं मौतें

वरिष्ठ वकील सचिन दत्ता ने दिल्ली सरकार पर कोरोना के हालात को सँभालने में अक्षमता और ढीले रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के अस्पतालों में लोग मर रहे थे तो दिल्ली सरकार के अधिकारी उपलब्ध नहीं होते थे।

राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की कमी पर दिल्ली उच्च न्यायालय में जयपुर गोल्डन अस्पताल का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील सचिन दत्ता ने दिल्ली सरकार पर कोरोना के हालात को सँभालने में अक्षमता और ढीले रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के अस्पतालों में लोग मर रहे थे तो दिल्ली सरकार के अधिकारी उपलब्ध नहीं होते थे।

हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे मेहरा को सचिन दत्ता ने बताया। उन्होंने कहा, “कल पूरे दिन हमने आपके अधिकारियों को बुलाया, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।”

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के तेज होते संक्रमण के बीच जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल्स ने ऑक्सीजन सप्लाई की कमी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ वकील दत्ता ने आरोप लगाया कि अस्पतालों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया, जिस कारण से मरीजों को अपनी जान गँवानी पड़ी।

जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल की तरफ से कोर्ट में सचिन दत्ता ने कहा, “कल 25 लोगों की मौत हो गई थी, क्योंकि हमारे पास ऑक्सीजन नहीं था। हम सचमुच साँस के लिए लड़ रहे हैं।”

इस मामले में जब जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार से पूछा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति और ऑक्सीजन प्लांट्स से संपर्क के लिए क्या प्रयास कर रही है, तो अधिवक्ता वर्मन ने जवाब दिया कि वे ऑक्सीजन की बढ़ती माँग को पूरा करने के प्रयासों को तेज करेंगे।

इस पर वकील दत्ता ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यदि उनका घर दिल्ली सरकार के अंतर्गत होता तो मैं इस तरह की कठिन परिस्थितियों में नहीं होता।

वरिष्ठ वकील सचिन दत्ता ने दिल्ली सरकार के शुक्रवार (23 अप्रैल 2021) के उस आदेश का कड़ा विरोध किया, जिससे राजधानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई थी। दत्ता ने कहा, “आप अस्पतालों को विश्वास में रख सकते हैं, ताकि वे परिवारों को इसकी जानकारी दे सकें।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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