Monday, May 20, 2024
Homeदेश-समाज'हमें रिफ्यूजी कार्ड दो, बसाओ व नौकरी का अधिकार भी': दिल्ली में अफगानी शरणार्थियों...

‘हमें रिफ्यूजी कार्ड दो, बसाओ व नौकरी का अधिकार भी’: दिल्ली में अफगानी शरणार्थियों का प्रदर्शन, भारत में 21,000 है संख्या

अफगानी शरणार्थियों ने कहा कि उनके पास अब अपने मुल्क लौटने का कोई कारण ही नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि अफगान शरणार्थियों के पास नौकरी व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएँ नहीं हैं।

अफगानिस्तान के कई शरणार्थियों ने नई दिल्ली में ‘संयुक्त राष्ट्र हाई कमिश्नर फॉर रेफ्यूजीज’ के सामने जाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने माँग की कि सभी शरणार्थियों को रिफ्यूजी कार्ड दिए जाएँ। साथ ही उन्होंने किसी विकासशील देश में उन्हें बसाए जाने की योजना लाने की भी माँग की। अपने मुल्क में तालिबान की प्रताड़ना से बच कर आए अफगान शरणार्थियों ने ‘यूनाइटेड नेशंस कमिश्नर फॉर रिफ्यूजीज (UNHCR)’ व भारत सरकार से सुरक्षा का आश्वासन भी माँगा।

भारत में अफगानी शरणार्थियों के प्रमुख अहमद जिया गनी ने बताया कि देश में फ़िलहाल 21,000 अफगान शरणार्थी हैं। उन्होंने कहा कि इन सबके पास अब अपने मुल्क लौटने का कोई कारण ही नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि अफगान शरणार्थियों के पास नौकरी व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएँ नहीं हैं। उन्होंने ‘लॉन्ग टर्म वीजा’ की भी माँग की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत आने वाले अफगानियों को ई-वीजा दिया जाएगा।

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद कई अफगान नागरिकों को अपने जान का खतरा है और वो मुल्क छोड़ कर भाग रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारत सरकार यहाँ आने की आने की इच्छा रखने वालों को आपात स्थिति के तहत वीजा दे सकती है, जो पहले 6 महीने के लिए वैध रहेगा। ऑनलाइन याचिकाओं पर नई दिल्ली में विचार किया जाएगा। हालाँकि, भारत ने यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

10 वर्षीय अफगान शरणार्थी ज़रीफ़ा ने कहा, “हम 2016 में यहाँ पहुँचे थे। हम कनाडा में फिर से बसना चाहते हैं। मैं पढ़ना चाहती हूँ। अब अफगानिस्तान वापस जाना हमारे लिए संभव नहीं है। तालिबान हमारी हत्या कर देगा।” एक अफगान शरणार्थी मसला ने कहा कि वह अमेरिका में फिर से बसना चाहती हैं। वह अपने परिवार के साथ पिछले 7 वर्षों से भारत में रह रही है। हाल ही में कनाडा के दूतावास के बाहर भी अफगानी शरणार्थियों ने प्रदर्शन किया था।

उधर अफगानिस्तान में कब्जा करने के बाद पहली बार तालिबान ने सीधे-सीधे अमेरिका को चुनौती दी है। तालिबान ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर अमेरिका 31 अगस्त 2021 तक अफगानिस्तान से अपनी सेनाओं को वापस नहीं बुलाता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। तालिबान ने अमेरिका से 31 अगस्त तक अफगानिस्तान छोड़ने के अपने वादे को पूरा करने को कहा है। इसके साथ ही तालिबान ने यह भी कहा है कि अमेरिका के पूरी तरह से अफगानिस्तान छोड़ने के बाद ही तालिबान सरकार बनाएगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

यूँ ही कटोरा लेकर नहीं घूम रहा है पाकिस्तान, भारत ने 200% इम्पोर्ट ड्यूटी लगा तोड़ी अर्थव्यवस्था की कमर: पुलवामा हमलों के बाद मोदी...

2019 में भारत ने पाकिस्तान के उत्पादों पर 200% इम्पोर्ट ड्यूटी लगा दी थी। भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी छीन लिया था।

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का इंतकाल, सरकारी मीडिया ने की पुष्टि: हेलीकॉप्टर में सवार 8 अन्य लोगों की भी मौत, अजरबैजान की पहाड़ियों...

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। यह दुर्घटना रविवार को ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में हुई थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -