Friday, July 30, 2021
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बरेली के बाद अजमेर में इकट्ठी हुई कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़, महंत नरसिंहानंद पर कार्रवाई न होने पर दी प्रदर्शन की धमकी

चिश्ती ने कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सभी को पता है कि फासीवादी ताकतों के इशारे पर डासना देवी के मंदिर के महंत ने देश में सांप्रदायिक शांति भंग करने के लिए ये टिप्पणी की है। चिश्ती ने यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।

पैगम्बर मुहम्मद पर टिप्पणी करने के मामले में गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ कट्टरपंथी इस्लामियों ने एक बार फिर से आवाज उठाई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह बाजार में जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में कट्टरपंथी मुसलमानों की भीड़ इकट्ठा हुई। मुस्लिमों ने नरिसंहानंद सरस्वती की गिरफ्तारी की माँग की।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलनकारियों ने हाथों में बैनर ले रखे थे और नारेबाजी कर रहे थे। इस आंदोलन का नेतृत्व गद्दी नशीन खादिम सरवर चिश्ती ने किया।

चिश्ती ने कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सभी को पता है कि फासीवादी ताकतों के इशारे पर डासना देवी के मंदिर के महंत ने देश में सांप्रदायिक शांति भंग करने के लिए ये टिप्पणी की है। चिश्ती ने यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।

अजमेर दरगाह के निजाम गेट पर इकट्ठी हुई इस्लामी भीड़ ने इस बात पर अफसोस जताया कि पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी के मामले में दरगाह पुलिस थाने में एफआईआर करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। भीड़ ने धमकी दी है कि अगर यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा इस्लामी भीड़ ने इस्लाम के किसी भी अपमान के खिलाफ कानून बनाने की माँग की।

बता दें कि यति नरसिंहानंद सरस्वती ने जबसे कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की है तब से मुसलमान उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

हालाँकि, कट्टरपंथी इस्लामियों के इस कृत्य के बाद अब देशभर के हिंदू संत भी यति नरसिंहानंद सरस्वती के समर्थन में आ गए हैं।

बरेली में भी इकट्ठी हुई थी कट्टरपंथियों की भीड़

9 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार की नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड में लाखों कट्टरपंथी मुसलमान इकट्ठा हुए थे और यति नरसिंहानंद के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। उस दौरान भी मौलानाओं ने डासना देवी मंदिर के महंत का सिर काटने की तकरीरें की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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