Tuesday, May 18, 2021
Home देश-समाज एक दिन में डूबे ₹53,000 करोड़: इन्फ़ोसिस के दो शीर्ष लोगों पर गलत तरीकों...

एक दिन में डूबे ₹53,000 करोड़: इन्फ़ोसिस के दो शीर्ष लोगों पर गलत तरीकों के प्रयोग का आरोप

इस आरोप से हुए नुकसान के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों की सबसे बड़ी गिरावट वाली कंपनियों की फेहरिस्त में शुमार हो गई है।

इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी फर्म इन्फ़ोसिस के शेयर मूल्य में आज (22 अक्टूबर, 2019 को) एक दिन में 17% की कमी आई है। एक विसलब्लोअर की शिकायत के बाद हुए इस वाकये में कंपनी के बाजार मूल्य (मार्केट कैप) में कुल ₹53,541 करोड़ की कमी आई है (टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार), और सुबह ₹643.3 पर खुले शेयर दिन के कारोबार का अंत होते-होते ₹638.3 पर बंद हुए। अप्रैल 2013 के बाद से यह सबसे बड़ी गिरावट है। अब कंपनी का मूल्य ₹2,76,300.08 है।

इस गिरावट के पीछे कारण जो विसलब्लोअर की शिकायत है, उसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी के दो चोटी के कार्यकारी अधिकारी (एग्जीक्यूटिव) अल्पकालिक कमाई और मुनाफ़े को बढ़ाने के लिए अनैतिक (अनएथिकल) तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस आरोप से हुए नुकसान के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों की सबसे बड़ी गिरावट वाली कंपनियों की फेहरिस्त में शुमार हो गई है। अगर बेचे गए शेयरों की बात करें तो सेंसेक्स (BSE) पर 117.7 लाख और निफ्टी (NSE) पर इन्फ़ोसिस के 9 करोड़ शेयरों की बिकवाली हुई।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक खुद को ‘एथिकल एम्प्लॉईज़’ कहने वाले कंपनी के ही कर्मचारियों के एक समूह ने इन्फ़ोसिस के सीईओ सलिल पारेख और सीएफ़ओ नीलांजन रॉय पर अल्पकालिक कमाई और मुनाफ़े को बढ़ाने के लिए अनैतिक (अनएथिकल) तरीकों के प्रयोग का आरोप लगाया था। कल (सोमवार, 22 अक्टूबर, 2019 को) इन्फ़ोसिस ने मुद्दे पर बयान जारी करते हुए कि विसलब्लोअर की शिकायत को कम्पनी के नियमों के अनुसार ऑडिट समिति के सामने रख दिया गया है, और उस पर कार्रवाई कंपनी की विसलब्लोअर पॉलिसी के अनुसार की जाएगी।

वहीं आज कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलकेणी ने एक दूसरा बयान जारी करते हुए कहा कि कंपनी की ऑडिट कमेटी विसलब्लोअर की शिकायत की एक स्वतंत्र जाँच करेगी। ऑडिट कमेटी ने स्वतंत्र आंतरिक ऑडिट बॉडी EY के साथ सलाह मशविरा शुरू कर दिया है। इसके अलावा स्टॉक एक्सचेंजों को इंगित कर दिए गए बयान में नीलकेणी ने लॉ फर्म शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी को भी एक स्वतंत्र जाँच के लिए नियुक्त किए जाने की बात भी कही है।

विवादों के साथ हाल के सालों में कंपनी का यह पहला वास्ता नहीं है। इसके पहले कंपनी में सबसे ताकतवर माने जाने वाले सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने 2017 में तत्कालीन सीईओ और एमडी विशाल सिक्का के खिलाफ कम्पनी बोर्ड के कई सदस्यों को पत्र लिखकर मोर्चा खोल दिया था। इस रस्साकशी का अंत सिक्का के इस्तीफे से हुआ।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी स्ट्रेन’: कैसे कॉन्ग्रेस टूलकिट ने की PM मोदी की छवि खराब करने की कोशिश? NDTV भी हैशटैग फैलाते आया नजर

हैशटैग और फ्रेज “#IndiaStrain” और “India Strain” सोशल मीडिया पर अधिक प्रमुखता से उपयोग किया गया। NDTV जैसे मीडिया हाउसों को शब्द और हैशटैग फैलाते हुए भी देखा जा सकता है।

कॉन्ग्रेस टूलकिट का प्रभाव? पैट कमिंस और दलाई लामा को PM CARES फंड में दान करने के लिए किया गया था ट्रोल

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए एक नया टूलकिट सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर से सुर्खियों में है। चार-पृष्ठ के दस्तावेज में पीएम केयर्स फंड को बदनाम करने की योजना थी।

₹50 हजार मुआवजा, 2500 पेंशन, बिना राशन कार्ड भी फ्री राशन: कोरोना को लेकर केजरीवाल सरकार की ‘मुफ्त’ योजना

दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी में माता पिता को खोने वाले बच्‍चों को 2500 रुपए प्रति माह और मुफ्त शिक्षा देने का ऐलान किया है।

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

कॉन्ग्रेस के इशारे पर भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग, ‘दोस्त पत्रकारों’ का मिला साथ: टूलकिट से खुलासा

भारत में विदेशी मीडिया संस्थानों के कॉरेस्पोंडेंट्स के माध्यम से पीएम मोदी को सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

‘केरल मॉडल’ वाली शैलजा को जगह नहीं, दामाद मुहम्मद रियास को बनाया मंत्री: विजयन कैबिनेट में CM को छोड़ सभी चेहरे नए

वामपंथी सरकार की कैबिनेट में सीएम विजयन ने अपने दामाद को भी जगह दी है, जो CPI(M) यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,384FansLike
96,061FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe