Monday, April 19, 2021
Home देश-समाज SC ने फिर कहा- ग़रीबों को 10% आरक्षण वाले विधेयक पर रोक नहीं

SC ने फिर कहा- ग़रीबों को 10% आरक्षण वाले विधेयक पर रोक नहीं

आर्थिक आरक्षण विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा दो दिनों के भीतर पारित किया गया था। संसद द्वारा अनुमोदित किए जाने के तीन दिन बाद, राष्ट्रपति ने भी इस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य वर्ग के ग़रीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयक पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। आज (फरवरी , 2019) दूसरी बार है जब संविधान (103वें) संशोधन विधेयक पर उच्चतम न्यायालय ने रोक लगाने से इनकार कर दिया भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना की खंडपीठ ने तहसीन पूनावाला की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए ऐसा कहा, जिसमे संविधान संशोधन अधिनियम को चुनौती दी गई थी।

बता दें कि याचिकाकर्ता तहसीन पूनावाला कॉन्ग्रेसी नेता हैं। पूनावाला की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने भारत सरकार के ख़िलाफ़ दायर की गई याचिका में आरक्षण के 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा को पार करने पर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने जल्द सुनवाई के लिए याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताते हुए कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

बता दें कि आर्थिक आरक्षण विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा दो दिनों के भीतर पारित किया गया था। संसद द्वारा अनुमोदित किए जाने के तीन दिन बाद, राष्ट्रपति ने भी इस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए थे। हालाँकि, राष्ट्रपति की सहमति मिलने से पहले ही ग़ैर-सरकारी संगठन यूथ फॉर इक्वेलिटी ने सुप्रीम कोर्ट में इस क़ानून को चुनौती दे दी थी। 14 जनवरी से आर्थिक आरक्षण अधिनियम लागू हुआ।

यूथ फॉर इक्वलिटी’ और कौशल कान्त मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल कर विधेयक के ख़िलाफ़ दलील देते हुए कहा था कि अगर आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलता भी है तो उसे केवल सामान्य वर्ग तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता है। बता दें कि इंदिरा साहनी वाले केस में अदालत ने ये फ़ैसला सुनाया था कि केवल आर्थिक स्थिति आरक्षण का आधार नहीं बन सकती।

इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट में इस विधेयक को चुनौती देते हुई कई याचिकाएँ दाख़िल की गई। सिर्फ़ सुप्रीम कोर्ट ही नहीं, बल्कि देश के अन्य न्यायालयों में भी इस विधेयक को चुनौती देती कई याचिकाएँ दाख़िल की गई। तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी डीएमके ने भी मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दाख़िल कर इस अधिनियम को चुनौती दी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बीजेपी को कोसने वाले लिबरल TMC पर मौन’- हर दिन मेगा रैली कर रहीं ममता लेकिन ‘ट्विटर’ से हैं दूर: जानें क्या है झोल

ममता बनर्जी हर दिन पश्चिम बंगाल में हर बड़ी रैलियाँ कर रही हैं, लेकिन उसे ट्विटर पर साझा नहीं करतीं हैं, ताकि राजनीतिक रूप से सक्रीय लोगों के चुभचे सवालों से बच सकें और अपना लिबरल एजेंडा सेट कर सकें।

क्या जनरल वीके सिंह ने कोरोना पीड़ित अपने भाई को बेड दिलाने के लिए ट्विटर पर माँगी मदद? जानिए क्या है सच्चाई

केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने ट्विटर पर एक नागरिक की मदद की। इसके लिए उन्होंने ट्वीट किया, लेकिन विपक्ष इस पर भी राजनीति करने लगा।

‘कॉन्ग्रेसी’ साकेत गोखले ने फैलाया झूठ: रेमडेसिविर की आपूर्ति पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा ब्रुक फार्मा के निदेशक के उत्पीड़न का किया बचाव

कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत गोखले ने एक बार फिर से फेक न्यूज फैलाने का काम किया है। गोखले ने बेबुनियाद ट्वीट्स की सीरीज में आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र में अपने पार्टी कार्यालय में 4.75 करोड़ रुपए की रेमडेसिविर (Remdesivir) की जमाखोरी की है।

दूसरी लहर सँभल नहीं रही, ठाकरे सरकार कर रही तीसरी की तैयारी: महाराष्ट्र के युवराज ने बताया सरकार का फ्यूचर प्लान

महाराष्ट्र के अस्पतालों में न सिर्फ बेड्स, बल्कि वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन की भी भारी कमी है। दवाएँ नहीं मिल रहीं। ऑक्सीजन और मेडिकल सप्लाइज की उपलब्धता के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारतीय सेना से मदद के लिए गुहार लगाई है।

10 ऑक्सीजन निर्माण संयंत्र, हर जिले में क्वारंटीन केंद्र, बढ़ती टेस्टिंग: कोविड से लड़ने के लिए योगी सरकार की पूरी रणनीति

राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए सरकार रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैन्ड पर ही एंटीजेन और RT-PCR टेस्ट की व्यवस्था कर रही है। यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे क्वारंटीन केंद्रों में रखा जाएगा।

हिंदू धर्म-अध्यात्म की खोज में स्विट्जरलैंड से भारत पैदल: 18 देश, 6000 km… नंगे पाँव, जहाँ थके वहीं सोए

बेन बाबा का कोई ठिकाना नहीं। जहाँ भी थक जाते हैं, वहीं अपना डेरा जमा लेते हैं। जंगल, फुटपाथ और निर्जन स्थानों पर भी रात बिता चुके।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।

Remdesivir का जो है सप्लायर, उसी को महाराष्ट्र पुलिस ने कर लिया अरेस्ट: देवेंद्र फडणवीस ने बताई पूरी बात

डीसीपी मंजूनाथ सिंगे ने कहा कि पुलिस ने किसी भी रेमडेसिविर सप्लायर को गिरफ्तार नहीं किया है बल्कि उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, क्योंकि...

साबरमती रिवरफ्रन्ट रोड के फुटपाथ पर अचानक से बनी दरगाह, लोगों ने की अवैध निर्माण हटाने की माँग: वीडियो वायरल

एक ट्विटर यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि साबरमती रिवरफ्रन्ट का यह क्षेत्र अभी ही विकसित हुआ लेकिन फिर भी इस पर दरगाह बना दी गई है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,227FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe