Monday, March 8, 2021
Home राजनीति सामान्य वर्ग के गरीबों को 10% आरक्षण देने वाले बिल को सुप्रीम कोर्ट में...

सामान्य वर्ग के गरीबों को 10% आरक्षण देने वाले बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

ये पहला ऐसा विधेयक है, जिसमें आरक्षण के लिए जाति और धर्म की कोई शर्त नहीं रखी गई है बल्कि सिर्फ और सिर्फ किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को ही आरक्षण का आधार माना गया है।

मोदी सरकार के शिक्षा और नौकरियों में सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने सम्बन्धी विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ नामक NGO ने शीर्ष अदालत में विधेयक के ख़िलाफ़ याचिका दायर करते हुए कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ख़िलाफ़ है। इसके अलावे एनजीओ ने इस क़ानून को रद्द करने की भी मांग की है। गुरुवार (जनवरी 10, 2019) को दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि यह विधेयक संविधान के मूल फीचर के ख़िलाफ़ है और आरक्षण के लिए बनाए गए 50 प्रतिशत के दायरे को पार करता है।

‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ और कौशल कान्त मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल की। इस याचिका में उन्होंने विधेयक के खिलाफ दलील देते हुए कहा कि अगर आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलता भी है तो उसे केवल सामान्य वर्ग तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता है। बता दें कि इंदिरा साहनी वाले केस में अदालत ने ये फैसला सुनाया था कि केवल आर्थिक स्थिति आरक्षण का आधार नहीं बन सकती।

‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ इस से पहले भी सुप्रीम कोर्ट में कई सारी याचिकाएँ दाखिल कर चुका है, जिनमें सरकार को लोकपाल गठित करने के लिए निर्देश देने सम्बन्धी याचिका भी शामिल है। वहीं डॉक्टर कौशल कान्त मिश्रा एक ऑर्थोपैडिक सर्जन हैं, जो पहले भी सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ चुके हैं। अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि इस बिल में आर्थिक स्थिति को ठीक से परिभाषित नहीं किया गया है।

ज्ञात हो कि नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार द्वारा लाए गए 124वें संविधान संशोधन बिल को लोकसभा और राज्यसभा ने बहुमत से पास कर दिया, जिसके बाद सामान्य श्रेणी के गरीबों को आरक्षण मिलने का रास्ता साफ़ हो गया है। इस संशोधन को संविधान के 15वें और 16वें अनुच्छेद के तहत किया गया है। ये पहला ऐसा विधेयक है, जिसमें आरक्षण के लिए जाति और धर्म की कोई शर्त नहीं रखी गई है बल्कि सिर्फ और सिर्फ किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को ही आरक्षण का आधार माना गया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राजस्थान: FIR दर्ज कराने गई थी महिला, सब-इंस्पेक्टर ने थाना परिसर में ही 3 दिन तक किया रेप

एक महिला खड़ेली थाना में अपने पति के खिलाफ FIR लिखवाने गई थी। वहाँ तैनात सब-इंस्पेक्टर ने थाना परिसर में ही उसके साथ रेप किया।

सबसे आगे उत्तर प्रदेश: 20 लाख कोरोना वैक्सीन की डोज लगाने वाला पहला राज्य बना

उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहाँ 20 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन का लाभ मिला है।

रेल इंजनों पर देश की महिला वीरांगनाओं के नाम: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भारतीय रेलवे ने दिया सम्मान

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, इंदौर की रानी अहिल्याबाई और रामगढ़ की रानी अवंतीबाई इनमें प्रमुख हैं। ऐसे ही दक्षिण भारत में कित्तूर की रानी चिन्नम्मा, शिवगंगा की रानी वेलु नचियार को सम्मान दिया गया।

बुर्का बैन करने के लिए स्विट्जरलैंड तैयार, 51% से अधिक वोटरों का समर्थन: एमनेस्टी और इस्लामी संगठनों ने बताया खतरनाक

स्विट्जरलैंड में हुए रेफेरेंडम में 51% वोटरों ने सार्वजनिक जगहों पर बुर्का और हिजाब पहनने पर प्रतिबंध के पक्ष में वोट दिया है।

BJP पैसे दे तो ले लो… वोट TMC के लिए करो: ‘अकेली महिला ममता बहन’ को मिला शरद पवार का साथ

“मैं आमना-सामना करने के लिए तैयार हूँ। अगर वे (भाजपा) वोट खरीदना चाहते हैं तो पैसे ले लो और वोट टीएमसी के लिए करो।”

‘सबसे बड़ा रक्षक’ नक्सल नेता का दोस्त गौरांग क्यों बना मिथुन? 1.2 करोड़ रुपए के लिए क्यों छोड़ा TMC का साथ?

तब मिथुन नक्सली थे। उनके एकलौते भाई की करंट लगने से मौत हो गई थी। फिर परिवार के पास उन्हें वापस लौटना पड़ा था। लेकिन खतरा था...

प्रचलित ख़बरें

मौलाना पर सवाल तो लगाया कुरान के अपमान का आरोप: मॉब लिंचिंग पर उतारू इस्लामी भीड़ का Video

पुलिस देखती रही और 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही भीड़ पीड़ित को बाहर खींच लाई।

14 साल के किशोर से 23 साल की महिला ने किया रेप, अदालत से कहा- मैं उसके बच्ची की माँ बनने वाली हूँ

अमेरिका में 14 साल के किशोर से रेप के आरोप में गिरफ्तार की गई ब्रिटनी ग्रे ने दावा किया है कि वह पीड़ित के बच्चे की माँ बनने वाली है।

‘हराम की बोटी’ को काट कर फेंक दो, खतने के बाद लड़कियाँ शादी तक पवित्र रहेंगी: FGM का भयावह सच

खतने के जरिए महिलाएँ पवित्र होती हैं। इससे समुदाय में उनका मान बढ़ता है और ज्यादा कामेच्छा नहीं जगती। - यही वो सोच है, जिसके कारण छोटी बच्चियों के जननांगों के साथ इतनी क्रूर प्रक्रिया अपनाई जाती है।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

‘ठकबाजी गीता’: हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने FIR रद्द की, नहीं माना धार्मिक भावनाओं का अपमान

चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने कहा, "धारा 295 ए धर्म और धार्मिक विश्वासों के अपमान या अपमान की कोशिश के किसी और प्रत्येक कृत्य को दंडित नहीं करता है।"

आज मनसुख हिरेन, 12 साल पहले भरत बोर्गे: अंबानी के खिलाफ साजिश में संदिग्ध मौतों का ये कैसा संयोग!

मनसुख हिरेन की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है। 2009 में ऐसे ही भरत बोर्गे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,339FansLike
81,970FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe