Tuesday, March 19, 2024
Homeदेश-समाजईद-ए-मिलाद के दौरान देश के कई हिस्सों में बवाल: MP के धार में बैरिकेड...

ईद-ए-मिलाद के दौरान देश के कई हिस्सों में बवाल: MP के धार में बैरिकेड तोड़ा, कानपुर में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर पुलिस से झड़प

मध्य प्रदेश के धार में प्रतिबंधित क्षेत्र से जुलूस निकालने से रोकने पर हुए बवाल में पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कानपुर में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिलने और बरेली में लाउडस्पीकर लगाने से रोकने पर मुस्लिमों ने बवाल कर दिया है।

इस्लाम के अनुयायी पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन को ईद-ए-मिलाद के रूप में मनाते हैं। पैगंबर के जन्मदिन को मनाने के दौरान देश के विभिन्न जगहों पर बवाल की खबरें आ रही हैं। मध्य प्रदेश के धार में प्रतिबंधित क्षेत्र से जुलूस निकालने से रोकने पर हुए बवाल में पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कानपुर में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिलने और बरेली में लाउडस्पीकर लगाने से रोकने पर मुस्लिमों ने बवाल कर दिया है। इसके अलावा, गुजरात के अहमदाबाद में जुलूस को लेकर मुस्लिम समुदाय के दो गुटों के बीच झड़प की भी खबर है।

मध्य प्रदेश के धार में मंगलवार को ईद-ए-मिलाद के मौके पर सुबह 9 बजे कुछ लोग जुलूस निकालने के लिए गुलमोहर कॉलोनी में करीब 2000 लोग जुटे थे। उसके बाद यह भीड़ बस स्टैंड होते हुए पंजारवाड़ी पहुँचा। पुलिस ने इस क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित कर बैरिकेड लगा रखा रखा था। इसके बावजूद जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की और जब पुलिस ने रोका तो उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे। भीड़ जवानों पर पत्थरबाजी करने लगी। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

धार के कलेक्टर डॉ. पंकज जैन ने बताया कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है और जुलूस खत्म होने के बाद जिन लोगों ने नियमों को तोड़ा है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। झड़प में अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के कानपुर में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिलने पर जमकर हंगामा किया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ परेड चौराहे पर पहुँचकर प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगी। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान मची भगदड़ में कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है। दैनिक जागरण के अनुसार, इस बात को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस को तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के तहत जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी। इस्लामिक संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद ने भी जुलूस नहीं निकालने की बात कही थी। इसके बावजूद लोग सुबह से ही जुलूस के लिए दबाव बनाते रहे और चौराहे पर जुटकर नारेबाजी करने लगे। दोपहर होते-होते स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

वहीं, उत्तर प्रदेश के बरेली में जुलूस में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर पुलिस और लोगों के बीच नोकझोंक हो गई। इसके बाद भीड़ ने पुलिस का घेराव किया। हालाँकि, पुलिस के दबाव में लाउडस्पीकर उतारना पड़ा। दरअसल, शीशगढ़ में लोगों ने जुलूस निकालने की तैयारी करने के बाद लाउडस्पीकर लगे जुलूस को गौड़ी मुहल्ला से लेकर जाने लगे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली और पुलिस बल मौके पर पहुँचकर लाउडस्पीकर को बंद करा दिया। इसके बाद भीड़ पुलिस से उलझ गई। पुलिस का कहना था कि अब तक जैसे जुलूस निकलते रहा है, वैसे ही निकलना चाहिए। पहले जुलूस के दौरान लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाता था।

इसके अलावा, गुजरात के अहमदाबाद में एक ही समुदाय के दो गुटों के बीच ईद-ए-मिलाद के दौरान ड्रम बजाने को लेकर झड़प हो गया, जिसमें चार लोग घायल हो गए हैं। सोमवार की रात हुई इस घटना में तीन लोगों को पुलिस ने अस्पताल पहुँचाया है। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के 11 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 337 और 294(बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नारायणमूर्ति का 4 महीने का पोता अरबपतियों की लिस्ट में शामिल, दादा ने दिए इंफोसिस के ₹240 करोड़ के शेयर

अपने पोते एकाग्रह को नारायणमूर्ति ने अपनी कम्पनी इंफोसिस के 15 लाख शेयर दिए हैं। यह शेयर उन्होंने अपने हिस्से गिफ्ट के तौर पर दिए हैं।

‘शानदार… पत्रकार हो पूनम जैसी’: रवीश कुमार ने ठोकी जिसकी पीठ इलेक्टोरल बॉन्ड पर उसकी झूठ की पोल खुली, वायर ने डिलीट की खबर

पूनम अग्रवाल ने अपने ट्वीट में दिखाया कि इलेक्टोरल बॉन्ड पर जारी लिस्ट में गड़बड़ है। इसके बाद वामपंथी मीडिया गैंग उनकी तारीफ में जुट गया। लेकिन बाद में हकीकत सामने आई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
418,000SubscribersSubscribe