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सान्ता के वेश में ईसाई धर्मांतरण की कोशिश, पकड़े जाने के बाद कहने लगे ‘जय श्री राम’: हिन्दू संगठनों ने नाकाम किया कार्निवल में धर्म-परिवर्तन का मंसूबा

सोशल मीडिया पर सान्ता क्लॉज बने लोगों को खदेड़ने और पीटने का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को यह कहते सुना जा सकता है कि चर्च में जाकर अपने धर्म का प्रचार करो।

गुजरात के अहमदाबाद में जारी काँकरिया कार्निवल में सान्ता क्लॉज बनकर घूम रहे कुछ लोग हिंदू संगठनों के हत्थे चढ़ गए। इन लोगों पर सान्ता क्लॉज बनकर कार्निवल में ईसाई धर्म का प्रचार करने और लोगों को बरगलाने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों ने सान्ता के वेश में घूम रहे लोगों को मजा चखाते हुए उनसे इस तरह की हरकत न करने की बात कही। इसके बाद सान्ता बने एक शख़्स ने ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाए।

मामला शुक्रवार (30 दिसंबर, 2022) का बताया जा रहा है। शाम के समय दोनों शख्स सान्ता बनकर कार्निवल में पहुँचे थे। हिंदू संगठन के लोगों ने इनपर सान्ता बनकर धर्म परिवर्तन के लिए लोगों को उकसाने और लोगों के ब्रेन वॉश का आरोप लगाते हुए उन्हें घेर लिया। लोगों का कहना है कि ये लोग कई दिनों से कार्निवाल आ रहे थे और सान्ता के वेश में ईसाई धर्म प्रचार के लिए मिशनरी की किताबें बाँट रहे थे। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लग गई और वे मौके पर पहुँचे। जिसके बाद ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे लोगों और संगठन कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई।

सोशल मीडिया पर सान्ता क्लॉज बने लोगों को खदेड़ने और पीटने का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं को यह कहते सुना जा सकता है कि चर्च में जाकर अपने धर्म का प्रचार करो, यहाँ आप लोगों का माइंडवॉश कर रहे हैं। ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यहाँ ये लोग सान्ता क्लॉज की ड्रेस में ईसाई धर्म का प्रचार करने वाली किताबें बेच रहे थे।

‘विश्व हिंदू परिषद’ के प्रवक्ता हितेंद्रसिंह राजपूत ने ‘दैनिक भास्कर‘ को बताया कि ईसाई मिशनरियों द्वारा पिछले चार दिनों से कार्निवल में ईसाई धर्म प्रचार की किताबें बेची जा रही थीं। सान्ता की ड्रेस में कुछ लोग यहाँ ईसाई धर्म का प्रचार कर धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को इसकी जानकारी मिली थी। जाँच में यह बात सही साबित हुई जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कार्निवल में धर्मांतरण से जुड़ी यह कोशिश रोक दी।

लोगों की नाराजगी और मजा चाखाए जाने के बाद सान्ता बने एक व्यक्ति ने हिंदू संगठन के लोगों के साथ ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। आपको बता दें कि अहमदाबाद के काँकरिया लेकफ्रंट पर कोरोना महामारी के कारण कार्निवाल का आयोजन नहीं हो पा रहा था। तीन साल बाद इस कार्निवाल का आयोजन हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्निवल में 30 दिसंबर तक विभिन्न कार्यक्रमों को देखने के लिए बारह लाख से ज्यादा लोग आ चुके हैं। यह कार्निवाल कल यानी 1 जनवरी, 2023 को समाप्त हो जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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