Wednesday, May 12, 2021
Home देश-समाज बंगालियों के घर फूँको, पुलिस पर हमला: असम को जलाने की अखिल गोगोई की...

बंगालियों के घर फूँको, पुलिस पर हमला: असम को जलाने की अखिल गोगोई की प्लानिंग, NIA चार्जशीट से खुलासा

चार्जशीट में कहा गया है कि अखिल गोगोई के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी अमरावती इलाके में घरों को जलाने की योजना बना रहे थे, जो चबुआ में एक बंगाली आबादी वाला इलाका है। हालाँकि, प्रशासन द्वारा इस भयावह साजिश को विफल कर दिया गया था।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने असम के धुर वामपंथी ‘एक्टिविस्ट’ अखिल गोगोई के खिलाफ दायर चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि वह असम में सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान राज्य में रहने वाली बंगाली आबादी के खिलाफ असम के लोगों को भड़काने के फ़िराक में था।

एनआईए की चार्जशीट के हवाले से ‘आवर नॉर्थईस्ट’ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि गोगोई ने असम में समाज के दो वर्गों के बीच हिंसा भड़काने की साजिश रची थी। चार्जशीट में एक गवाह का उल्लेख है जिसने स्वीकार किया कि अखिल गोगोई ने 9 दिसंबर 2019 को विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाने के लिए उसे बुलाया था और उससे कुछ हिंसक गतिविधि अंजाम देने के लिए कहा था।

अखिल गोगोई और गवाह के बीच हुई इस बातचीत के बाद, दोनों उसी दिन चबुआ के लिए रवाना हो गए। एनआईए ने बताया कि अखिल गोगोई और गवाह ने 6,000 से भी अधिक लोगों की भीड़ को संबोधित किया था। गोगोई ने अपने भाषण के दौरान भीड़ को उकसाया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के दौरान ड्यूटी पर मौजूद चबुआ का एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया।

चार्जशीट में राज्य में असमिया और बंगाली लोगों के बीच दुश्मनी पैदा करने की गहरी साजिश का खुलासा हुआ। चार्जशीट में कहा गया है कि अखिल गोगोई के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी अमरावती इलाके में घरों को जलाने की योजना बना रहे थे, जो चबुआ में एक बंगाली आबादी वाला इलाका है। हालाँकि, प्रशासन द्वारा इस भयावह साजिश को विफल कर दिया गया था।

Copy of the chargesheet accessed by Our Northeast

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि स्थिति हिंसक होने के बावजूद, अखिल गोगोई ने भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं की बल्कि उसे और उकसाया। चार्जशीट में कहा गया है कि हिंसक भीड़ ने एक पुलिसकर्मी पर भी हमला करते हुए उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

चार्जशीट के अनुसार, हिंसा इतनी भयावह थी कि अखिल गोगोई के नेतृत्व में भीड़ द्वारा चबुआ रेलवे स्टेशन को भी जला दिया गया, जिसके चलते सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा।

गौरतलब है कि गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 7 जनवरी, 2021 को अखिल गोगोई की जमानत याचिका खारिज करते हुए विशेष एनआईए कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। हाई कोर्ट ने कहा था कि असम में ऐंटी सीएए आंदोलन के दौरान जो हुआ था वह सत्याग्रह नहीं था, बल्कि गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) में परिभाषित टेररिस्ट ऐक्ट के तहत आता है।

जस्टिस कल्याण राय सुराना और अजीत बाठकुर की बेंच ने आदेश में कहा, “हिंसा का इस्तेमाल करते हुए अखिल के नेतृत्व वाली भीड़ ने अहिंसक आंदोलन की अवधारणा को ही खारिज कर दिया था। आंदोलन के जरिए सरकारी मशीनरी को कमजोर करने, आर्थिक नाकेबंदी, समुदायों के बीच नफरत फैलाने और शांति में बाधा उत्पन्न करके सरकार के प्रति अंसतोष पैदा करने की कोशिश की गई थी।” कोर्ट ने कहा कि इस तरह की गतिविधि यूएपीए की धारा 15 के तहत आतंकी कार्य के रूप में परिभाषित है।

बता दें कि अखिल गोगोई, कृषक मुक्ति संग्राम परिषद और राइजोर दल का नेता है। संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ कथित हिंसक प्रदर्शन के मामले में गोगोई को जोरहाट से दिसंबर 2019 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह गुवाहाटी केंद्रीय कारागार में बंद है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ऑक्सीजन पर लताड़े जाने के बाद केजरीवाल सरकार ने की Covid टीकों की उपलब्धता पर राजनीति: बीजेपी ने खोली पोल

पत्र को करीब से देखने से यह स्पष्ट होता है कि संबित पात्रा ने जो कहा वह वास्तव में सही है। पत्रों में उल्लेख है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार 'खरीद करने की योजना' बना रही है। न कि ऑर्डर दिया है।

‘#FreePalestine’ कैम्पेन पर ट्रोल हुई स्वरा भास्कर, मोसाद के पैरोडी अकाउंट के साथ लोगों ने लिए मजे

स्वरा के ट्वीट का हवाला देते हुए @TheMossadIL ने ट्वीट किया कि अगर इस ट्वीट को स्वरा भास्कर के ट्वीट से अधिक लाइक मिलते हैं, तो वे भारतीय अभिनेत्री को एक स्पेशल ‘पॉकेट रॉकेट’ भेजेंगे।

स्वप्ना पाटकर के ट्वीट हटाने के लिए कोर्ट पहुँचे संजय राउत: प्रताड़ना का आरोप लगा PM को भी महिला ने लिखा था पत्र

संजय राउत ने उन सभी ट्वीट्स को हटाने का निर्देश देने की गुहार कोर्ट से लगाई है जिसमें स्वप्ना पाटकर ने उन पर आरोप लगाए हैं।

उद्धव ठाकरे की जाएगी कुर्सी, शरद पवार खुद बनना चाहते हैं CM? रिपोर्ट से महाराष्ट्र सरकार के गिरने के कयास

बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाकर अब शरद पवार पछता रहे हैं। उन्हें यह 'भारी भूल' लग रही है।

बंगाल के नतीजों पर नाची, हिंसा पर होठ सिले: अब ममता ने मीडिया को दी पॉजिटिव रिपोर्टिंग की ‘हिदायत’

विडंबना यह नहीं कि ममता ने मीडिया को चेताया है। विडंबना यह है कि उनके वक्तव्य को छिपाने की कोशिश भी यही मीडिया करेगी।

मोदी से घृणा के लिए वे क्या कम हैं जो आप भी उसी जाल में उलझ रहे: नैरेटिव निर्माण की वामपंथी चाल को समझिए

सच यही है कि कपटी कम्युनिस्टों ने हमेशा इस देश को बाँटने का काम किया है। तोड़ने का काम किया है। झूठ को, कोरे-सफेद झूठ को स्थापित किया है।

प्रचलित ख़बरें

योगेंद्र यादव को पता था कि ‘किसानों’ के टेंट में हुआ है गैंगरेप, AAP के दो नेता भी आरोपित: टिकरी बॉर्डर पर हुई थी...

दैनिक भास्कर के मुताबिक योगेंद्र यादव को इस घटना के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने पुलिस को जानकारी नहीं दी।

मुस्लिम वैज्ञानिक ‘मेजर जनरल पृथ्वीराज’ और PM वाजपेयी ने रचा था इतिहास, सोनिया ने दी थी संयम की सलाह

...उसके बाद कई देशों ने प्रतिबन्ध लगाए। लेकिन वाजपेयी झुके नहीं और यही कारण है कि देश आज सुपर-पावर बनने की ओर अग्रसर है।

हिंदू त्योहार ‘पाप’, हमारी गलियों से नहीं निकलने दें जुलूस: मुस्लिम बहुल इलाके की याचिका, मद्रास HC का सॉलिड जवाब

मद्रास हाई कोर्ट ने धार्मिक असहिष्णुता को देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के आयोजन...

‘इस्लाम को रियायतों से आज खतरे में फ्रांस’: सैनिकों ने राष्ट्रपति को गृहयुद्ध के खतरे से किया आगाह

फ्रांसीसी सैनिकों के एक समूह ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को खुला पत्र लिखा है। इस्लाम की वजह से फ्रांस में पैदा हुए खतरों को लेकर चेताया है।

फराह खान ने खुलेआम की मोदी समर्थकों की मौत की कामना- माँगी दुआ, पहले भी कर चुकी हैं RSS की ISIS से तुलना

"मैं दुआ करती हूँ कि तुम्हारा कोई परिजन मरे ताकि तुम्हें वो गुस्सा महसूस हो जो कुप्रबंधन और सत्ता की भूखे एजेंडे के कारण अपनों को न बचा पाने की वजह से पैदा होता है।"

हिन्दुओ… इस आदेश को रट लो, क्योंकि यह केवल एक गाँव-एक प्रांत की समस्या नहीं

ऐसे हालात में अमूमन हिंदू मन मसोस रह जाते हैं। अब इससे इतर मद्रास हाई कोर्ट ने एक रास्ता दिखाया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,392FansLike
92,425FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe