Thursday, August 5, 2021
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इस्लामी कट्टरपंथी और न्यूजलॉन्ड्री के ‘पत्रकार’ शरजील उस्मानी को बेल, ‘पढ़ाई’ का मिला फायदा

विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने उस्मानी को जमानत देते हुए कहा कि उस्मानी एएमयू का मेधावी छात्र है और उसे मौका-ए-वारदात से गिरफ्तार नहीं किया गया था। न्यायाधीश के अनुसार, गिरफ्तारी के वक्त उसके खिलाफ कोई गंभीर सबूत भी नहीं पाया गया था।

इस्लामी कट्टरपंथी और न्यूजलॉन्ड्री के शरजील उस्मानी को शुक्रवार को अलीगढ़ की एक स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दंगों को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एएमयू के छात्र उस्मानी को जिला अदालत ने जमानत दी। सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनों में कथित भूमिका के लिए उसे 29 जुलाई को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने उस्मानी को जमानत देते हुए कहा कि उस्मानी एएमयू का मेधावी छात्र है और उसे मौका-ए-वारदात से गिरफ्तार नहीं किया गया था। न्यायाधीश के अनुसार, गिरफ्तारी के वक्त उसके खिलाफ कोई गंभीर सबूत भी नहीं पाया गया था।

अदालत ने न केवल उसकी शैक्षिक साख को संज्ञान में लिया, बल्कि दो मामलों में आरोपित उस्मानी को जमानत देते हुए यह भी उल्लेख किया कि वह लेख भी लिखता है।

बार और बेंच के अनुसार न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने कहा, “आरोपित को और जेल में रखने से कोई भी उद्देश्य पूरा नहीं होने वाला। इसलिए जेल में बंद अवधि और उसके शैक्षिक रिकॉर्ड को देखते हुए यह उसे जमानत देने का उचित समय है।”

जज ने कहा, “आरोपी का शैक्षिक रिकॉर्ड बताता है कि वह एक होनहार छात्र रहा है। उसने कई लेख लिखे हैं जो रिकॉर्ड में भी उपलब्ध हैं।” मामले के अन्य आरोपितों में से एक को पहले ही जमानत दे दी गई थी।

पिछले साल दिसंबर में एएमयू में हुए सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शन के बाद उस्मानी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। न्यूज़लॉन्ड्री के कॉलमनिस्ट शरजील उस्मानी दिल्ली में इस साल फरवरी में हुए हिंदू-विरोधी दंगों के दौरान पुलिस पर रिवॉल्वर तानने वाले कट्टरपंथी शाहरुख पठान का महिमामंडन भी किया था।

उस्मानी ने भड़काऊ और देशद्रोही भाषण देने के आरोपित शारजील इमाम का भी समर्थन किया था। इमाम की गिरफ्तारी के तुरंत बाद उस्मानी ने झूठा प्रचार-प्रसार कर भारत में संप्रदाय विशेष के लोगों की कथित खराब हालत का दुष्प्रचार विदेश तक फैलाने की साजिश रची थी। उस्मानी ने घोषणा की थी कि वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर भारत में संप्रदाय विशेष के खिलाफ कथित घृणा अपराधों को दर्शाते हुए वीडियो डालेगा ताकि वैश्विक स्तर पर वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों पर प्रभाव बना सके।

सोशल मीडिया और शरजील इमाम का भड़काऊ भाषण वायरल होने के बाद उस्मानी ने उसका बचाव भी किया था। उसने संप्रदाय विशेष के लोगों से जेएनयू के स्कॉलर से खुद को अलग न करने का आग्रह किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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