Homeदेश-समाजअलीगढ़ में मोहसिन ने दलित किशोरी पर अश्लील फब्ती कसी, विरोध करने पर पिता...

अलीगढ़ में मोहसिन ने दलित किशोरी पर अश्लील फब्ती कसी, विरोध करने पर पिता को बुरी तरह मारा: ‘मकान बिकाऊ है’ लिख पलायन की घोषणा

वहीं, पलायन की घोषणा के बाद अलीगढ़ पुलिस पीड़िता से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया और मकानों पर लिखे नारे को पुतवा दिया। वहीं, बुधवार को हरदुआगंज पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करने घर पहुँची।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में छेड़खानी के विरोध में अनुसूचित जाति के लोगों ने गाँव से पलायन करने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने-अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया है। दरअसल, दलित समुदाय की नाबालिग बेटी के साथ गाँव के ही मु्न्ना, मोहसिन, इमरान और जीशान ने छेड़खानी और मारपीट की थी।

दरअसल, अलीगढ़ के दरदुआगंज क्षेत्र के एक गाँव में रविवार (4 सितंबर 2022) की रात को मोहसिन ने एक दलित लड़की पर अश्लील फब्तियाँ कस दी थी। उसने जब विरोध किया तो उसे खींचकर घर ले जाने की भी कोशिश की थी। इसके साथ ही उसे जातिसूचक अपमानजनक शब्द भी कहे।

लड़की के पिता ने जब इसकी शिकायत की थी तो आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की। इस मारपीट में उसके पिता बुरी तरह घायल हो गए। इसके बाद दोनों पक्ष थाने में पहुँचे और तहरीर दी। पुलिस ने पीड़िता के पिता के साथ-साथ आरोपितों की भी तहरीर लेकर क्रॉस प्राथमिकी दर्ज कर ली।

जब आरोपितों की तहरीर के आधार पर पीड़िता के पिता को आरोपित बनाया गया तो दलित समुदाय नाराज हो गया। मंगलवार (6 सितंबर 2022) को थाने पहुँचकर कर पीड़ितों ने अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद वे अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखवाकर गाँव से पलायन की घोषणा कर दी।

इस घटना पर अतरौली के सीओ विशाल चौधरी ने कहा, “रविवार की रात को मैं खुद मौके पर गया था। उस दौरान मारपीट की बात सामने आई ती, छेड़खानी जैसी बात नहीं कही गई थी। उसी के अनुसार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अब एक पक्ष की ओर से कुछ अलग आरोप लगाए जा रहे हैं।”

सीओ विशाल चौधरी ने कहा कि अगर इसमें थाना स्तर पर कोई गड़बड़ हुई है तो उसकी जाँच की जाएगी। किसी के साथ पक्षपात या गलत कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का दबाव बनाना गलत है।

वहीं, पलायन की घोषणा के बाद अलीगढ़ पुलिस पीड़िता से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया और मकानों पर लिखे नारे को पुतवा दिया। वहीं, बुधवार को हरदुआगंज पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करने घर पहुँची, लेकिन पीड़ित परिवार ने मुकदमा दर्ज होने से पहले बयान दर्ज कराने से इनकार कर दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -