Sunday, June 23, 2024
Homeदेश-समाज'किसान उत्पातियों' पर नहीं लगेगा NSA, अंबाला पुलिस के बाद हरियाणा पुलिस की 'सफाई':...

‘किसान उत्पातियों’ पर नहीं लगेगा NSA, अंबाला पुलिस के बाद हरियाणा पुलिस की ‘सफाई’: अब तक 30 पुलिसकर्मी चोटिल, 1 को ब्रेन हैमरेज, 2 की मौत

हरियाणा पुलिस ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) नहीं लगाया जाएगा। यह घोषणा अंबाला पुलिस के उस ट्वीट के बाद की गई, जिसमें आंदोलन कर रहे किसानों पर एनएसए लगाने की बात कही गई थी।

अपडेट: हरियाणा पुलिस ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) नहीं लगाया जाएगा। यह घोषणा अंबाला पुलिस के उस ट्वीट के बाद की गई, जिसमें आंदोलन कर रहे किसानों पर एनएसए लगाने की बात कही गई थी। अब अंबाला पुलिस का वो ट्वीट भी डिलीट कर दिया गया है।

हरियाणा पुलिस के एनएसए नहीं लगाने की घोषणा से पहले की खबर नीचे है:

किसान आंदोलन के नाम पर जिस तरह उग्र प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने का काम किया जा रहा है उसे देखते हुए हरियाणा की अंबाला पुलिस ने सख्त खदम उठाए हैं। अंबाला पुलिस ने कहा है कि सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई इन्हीं आंदोलनकारियों की संपत्तियों से की जाएगी। इसके लिए संपत्ति की कुर्की और बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा किसान संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ NSA लगाने की बात भी पुलिस ने कही है।

22 फरवरी 2024 को जारी प्रेस नोट में अंबाला पुलिस ने कहा कि 13 फरवरी 2024 से किसान संगठनों द्वारा किसानों द्वारा दिल्ली कूच को लेकर शंभू बॉर्डर पर लगे बैरिकेड्स को तोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं व पुलिस प्रशासन पर पत्थरबहाजी व हुड़दंगबाजी करके कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश भी हो रही है। इन सबसे सरकारी और प्राइवेट संपत्तियों को काफी नुकसान हो रहा है।

पुलिस ने कहा कि वो अब आंदोलनकारियों द्वारा सरकारी और प्राइवेट संपत्ति को पहुँचाए गए नुकसान का आँकलन कर रहे हैं। सबकी भरपाई इन्हीं आंदोलनकारियों की संपत्ति और बैंक खातों को सीज करके की जाएगी। पुलिस की मानें तो उन्होंने इस संबंध में पहले ही सूचित किया था कि अगर सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ तो वह यह कार्रवाई करेंगे। हालाँकि पिछले कुछ दिनों में फिर भी ऐसी घटनाएँ आईं, जिसके बाद पुलिस ने यह नोट जारी किया।

इसके अलावा पुलिस ने एक और ट्वीट में यह जानकारी दी है कि उन्होंने NSA के तहत किसान संगठनों के पदाधिकारियों को नजरबंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। अंबाला पुलिस द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि आंदोलन में 30 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं, 1 पुलिसकर्मचारी का ब्रेम हैमरेज हुआ और 2 की मृत्यु हो गई है। ऐसे में आंदोलन के कई किसान नेता जो सक्रिय भूमिका हैं और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए पोस्टर कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के विरुद्ध गलत शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं और उत्पात मचा रहे हैं। ऐसे में अपराधिक गतिविधियों को रोकने व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 2(3) राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 तहत किसान संगठनों के पदाधिकारियों को नजरबंद करने की कार्यवाही पुलिस प्रशासन द्वारा अमल में लाई जा रही है।

ये भी जानकारी आई है कि अंबाला पुलिस की तरफ से भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष और किसान मजदूर मोर्चा के सदस्य अमरजीत सिंह मोहड़ी के घर पर पुलिस का नोटिस चस्पा किया गया है। इसमें लिखा गया है कि अमरजीत सिंह उस प्रदर्शन में अहम भूमिका में है, जो अब उग्र हो रहा है। अगर प्रदर्शनकारी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हैं तो फिर मोहड़ी की संपत्ति से भी भरपाई की जा सकती है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘PM मोदी ने किया जी अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का उद्घाटन, गिर गई उसकी दीवार’: News24 ने फेक न्यूज़ परोस कर डिलीट की ट्वीट,...

अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन से जुड़े जिस दीवार के दिसंबर 2023 में बने होने का दावा किया जा रहा है, वो दावा पूरी तरह से गलत है।

‘मोदी के दिए घरों में रहते हैं, 100% वोट कॉन्ग्रेस को देते हैं’: बोले असम CM सरमा – राज्य पर कब्ज़ा करना चाहते हैं...

सीएम हिमंता ने कहा कि बांग्लादेशी मूल के अल्पसंख्यकों ने कॉन्ग्रेस को इसलिए वोट दिया, क्योंकि अगले 10 सालों में वे राज्य को कब्जा चाहते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -