Thursday, April 22, 2021
Home देश-समाज जुमे की नमाज के बाद दलित महिला से छेड़छाड़, पति को किया अधमरा

जुमे की नमाज के बाद दलित महिला से छेड़छाड़, पति को किया अधमरा

"उस दिन शुक्रवार था। नमाज के बाद वो सीधे यहाँ आया, शायद प्लान बनाया हुआ था। मजरूल ने मुझे गंदे ढंग से छुआ, कुर्ता भी फाड़ दिया। छेड़छाड़ करते हुए यह भी कहा कि वो मुझे मुसलमानी बना देगा।"

उत्तर प्रदेश के अमेठी में एक दलित महिला के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की गई। समुदाय विशेष के व्यक्ति ने पीड़ित महिला के कार्यस्थल पर पहुँचकर उनका कुर्ता फाड़ने की कोशिश की, जब उनके पति ने उन्हें बचाना चाहा तो आरोपित व्यक्ति और उसके साथ के गुंडों ने मिलकर उसे जाति के आधार पर गाली देते हुए लोहे की रॉड से पीटा। इतना ही नहीं, जब पीड़ित व्यक्ति के भाई-बहन ने रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने उन्हें भी मारा। जब पीड़ित महिला का पति बेहोश हो गया तो वे गुंडे वहाँ से भाग गए।

यह मामला 21 जून का है। इस पूरे घटना का वीडियो भी वायरल हुआ, पुलिस ने इसकी पुष्टि भी की लेकिन मीडिया गिरोह शांत बैठा रहा – कोई डिबेट नहीं, कोई आउटरेज़ नहीं! सरेआम, दिन-दहाड़े ऐसी घटना पर मीडिया की चुप्पी आश्चर्यजनक थी, इसलिए स्वराज्य मैगज़ीन की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने इसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इसके बाद इस मामले में कई नए तथ्य सामने आए हैं। स्वाति गोयल की रिपोर्ट के मुताबिक इस दंपती की गलती सिर्फ़ इतनी थी कि उन्होंने दलित होने के बावजूद मुस्लिम बहुल क्षेत्र ‘जैस (Jais)’ में कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर खोला। यहाँ वे प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया योजना के तहत इच्छुक लोगों को एक महीने का फ्री कंप्यूटर कोर्स करवाते थे।

पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक 21 जून को शशांक पद्मभूषण सोनकर और उसकी पत्नी गायत्री अपने कोचिंग सेंटर में थे कि तभी दोपहर बाद 3:50 बजे मजरुल हसन नाम का शख्य वहाँ आया और गायत्री के साथ बद्तमीजी करने लगा। गायत्री ने शोर मचाया तो शशांक उसे बचाने वहाँ पहुँचा लेकिन हसन उसे “साले खटीक” कहते हुए सेंटर के बाहर खींच कर ले गया।

5 मिनट के भीतर उसके साथ शब्बू, फैजियाब और रेहान नाम के गुंडे जुड़ गए और सोनकार को लोहे की रॉड से तब तक मारा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इस दौरान इन्होंने शशांक के भाई-बहन (मयंक और सारिका) पर भी हमला किया।

पुलिस में दर्ज हुई एफआईआर में इन पर आईपीसी धारा-354, 323, 504, 506 के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है। लेकिन इस प्राथमिकी में कहीं भी पुलिस ने हमलावरों के उद्देश्य का उल्लेख नहीं किया है। जबकि सोनकर का कहना है कि उसने पुलिस को सब कुछ बताया था, फिर भी उन्होंने उसे एफआईआर में नहीं जोड़ा।

पीड़ित के मुताबिक इलाके में रहने वाले कुछ समुदाय विशेष वाले चाहते थे कि उनका कोचिंग सेंटर बंद हो जाए। स्वाति गोयल की रिपोर्ट के मुताबिक शशांक बताते हैं, “मजरूल और कुछ अन्य लोग मुझ पर लगातार सेंटर बंद करने का दबाव बना रहे थे। उन्हें जलन थी कि मेरे जैसा दलित कैसे सफलतापूर्वक एक कोचिंग सेंटर चला सकता है, जबकि उनके समुदाय के लोग ऐसा करने में विफल रहे।”

सोनकर के अनुसार उन्हें इस हमले का अंदाजा भी नहीं था। वे कहते हैं, “उस दिन शुक्रवार था। नमाज के बाद वो सीधे यहाँ आया, शायद उन्होंने पहले से इस बारे में प्लान बनाया हुआ था।” शशांक की पत्नी गायत्री ने स्वाति गोयल को बताया कि मजरूल ने गंदे ढंग से उन्हें छुआ और फिर उनका कुर्ता फाड़ दिया। छेड़छाड़ करते हुए मजरूल ने यह भी कहा कि वो उनका धर्मांतरण कर देगा।

इस घटना के समय वहाँ दुकान के मालिक आज़ाद महबूब (जिन्होंने सोनकर को सेंटर चलाने के लिए जगह किराए पर दी थी) और एक छात्रा खतीजा बानो मौजूद थे। महबूब बताते हैं कि जिस समय ये सब हुआ, उस वक्त वो अपनी दुकान में नीचे वाले फ्लोर पर बैठे थे, चूँकि सेंटर छत पर था इसलिए उन्हें नहीं मालूम ऊपर क्या हुआ, लेकिन उन्होंने सोनकर को बाहर खींचते हुए और बेहरमी से पीटते हुए दखा।

महबूब के मुताबिक उन्होंने हमलावरों को रोकने के लिए उनके बीच जाकर उनसे दो बार रॉड भी छीनी, लेकिन वो नहीं रुके। महबूब कहते हैं कि उन्हें अब तक नहीं पता चला कि उस दिन उन लोगों में क्या हुआ था।

महबूब बताते हैं कि मजरूल की खुद की बेटी भी सोनकर के सेंटर में पढ़ने आती थी। जिसके कारण मजरूल ने अपने अपराध को ढकने के लिए सोनकार पर आरोप लगाया कि शशांक ने उसकी बेटी का शोषण किया था, लेकिन जब लड़की से इस बारे में पूछा गया तो उसने इनकार कर दिया।

वहीं दूसरी चश्मदीद खातीजा के मुताबिक मजरूल की बेटी वहाँ पढ़ती जरूर थी, लेकिन पिछले कुछ समय से वो ऐबसेंट चल रही थी। रिपोर्ट के मुताबकि खातीजा कहती हैं कि उसने मजरुल को सेंटर में घुसकर गायत्री के साथ बद्तमीजी करते देखा, लेकिन उसे याद नहीं कि उसने उन्हें जाति से संबंधी गाली दी या नहीं।

इस पूरे मामले पर इलाके के एसएचओ गजेंद्र सिंह ने स्वाति गोयल को बताया कि उन्होंने मजरूल और फैजियाब को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी तक हमले की वजह क्या थी इसका पता नहीं चल पाया है। आरोपितों ने मामले में आगे बोलने से मना कर दिया है, लेकिन जाँच जारी है।

गौतलब है कि इस मामले से संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। अमेठी की सांसद स्मृति इरानी ने भी इसे अपने सोशल मीडिया से शेयर किया है। इस मामले को अधिकार संस्थान ‘अग्निवीर’ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक लेकर पहुँचे हैं और आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस इस मामले को बहुत हल्के में ले रही है।

अग्निवीर के संस्थापक संजीव कुमार ने स्वाति गोयल को बताया कि दलित अत्याचार मामलों में बहुत वृद्धि हो रही है। उनके मुताबिक नमाज पढ़ने के बाद उन लोगों ने दलित महिला का शोषण किया और फिर मॉब लिंचर बन गए। उन्हें बिलकुल महसूस नहीं हुआ कि सोनकर अपने सेंटर के जरिए सिर्फ़ मुस्लिम युवक-युवतियों की मदद करने की कोशिश कर रहा था।

संजीव का कहना है कि पुलिस इस मामले को बहुत हल्के में ले रही है। उन्होंने अमेठी पुलिस को ट्वीट भी किया है और पूछा है कि मामले में इतनी कमजोर धाराओं को क्यों लगाया गया है? आखिर क्यों हत्या का मामला दर्ज नहीं किया गया है?

बता दें कि इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की प्रतिक्रिया आनी अभी बाकी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मतुआ समुदाय, चिकेन्स नेक और बांग्लादेश से लगे इलाके: छठे चरण में कौन से फैक्टर करेंगे काम, BJP से लोगों को हैं उम्मीदें

पश्चिम बंगाल की जनता उद्योग चाहती है, जो उसके हिसाब से सिर्फ भाजपा ही दे सकती है। बेरोजगारी मुद्दा है। घुसपैठ और मुस्लिम तुष्टिकरण पर TMC कोई जवाब नहीं दे पाई है।

अंबानी-अडानी के बाद अब अदार पूनावाला के पीछे पड़े राहुल गाँधी, कहा-‘आपदा में मोदी ने दिया अपने मित्रों को अवसर’

राहुल गाँधी पीएम मोदी पर देश को उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाते ही रहते हैं। बस इस बार अंबानी-अडानी की लिस्ट में अदार पूनावाला का नाम जोड़ दिया है।

‘सरकार ने संकट में भी किया ऑक्सीजन निर्यात’- NDTV समेत मीडिया गिरोह ने फैलाई फेक न्यूज: पोल खुलने पर किया डिलीट

हालाँकि सरकार के सूत्रों ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रांतिपूर्ण बताया क्योंकि इन रिपोर्ट्स में जिस ऑक्सीजन की बात की गई है वह औद्योगिक ऑक्सीजन है जो कि मेडिकल ऑक्सीजन से कहीं अलग होती है।

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,787FansLike
82,850FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe