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20 दिन के अंदर AMU में 26 मौत: 16 सेवारत फैकल्टी सदस्य और 10 रिटायर्ड कर्मियों ने कोरोना से तोड़ा दम

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मौतों का सिलसिला पिछले माह से ही शुरू हो रखा है। पिछले माह उर्दू विभाग के फैकल्टी मेंबर प्रोफेसर मौला बख्स अंसारी, धर्मशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एहसानुल्लाह फहद की कोरोना से मौत हो गई थी। इनके अलावा, अब तक सेवानिवृत्त हो चुके 10 फैकल्टी सदस्य भी कोविड के कारण दम तोड़ चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में पिछले 20 दिनों में 26 लोगों की कोरोना के कारण मृत्यु हो गई। इनमें 16 सदस्य यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे और 10 रिटायर्ड हो चुके फैकल्टी सदस्य थे। यूनिवर्सिटी के कुलपति तारिक मंसूर के बड़े भाई की भी इस बीच कोरोना के कारण मौत हुई और ऋग्वेद में डॉक्टरेट करने वाले पहले मुस्लिम स्कॉलर को भी कोरोना निगल गया।

इस समय 16 कर्मचारियों समेत कुछ फैकल्टी सदस्यों का इलाज जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एएमयू के प्रवक्ता शैफई किदवई ने बताया कि चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर शादाब अहमद खान (58) और कंप्यूटर विज्ञान विभाग के प्रोफेसर रफीकुल जमान खान (55) ने शुक्रवार को वायरस के कारण दम तोड़ दिया। प्रवक्ता ने कहा कि उप-कुलपति मंसूर के भाई उमर फारूक (75) की भी कोरोना से मौत हो गई। वह यूनिवर्सिटी कोर्ट के पूर्व सदस्य और मोहम्मदन एजुकेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य थे।

वहीं बुधवार को मशहूर संस्कृत स्कॉलर और संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो खालिद बिन यूसुफ (56) का निधन हो गया था। वे ऋग्वेद में डॉक्टरेट पाने वाले पहले मुस्लिम स्कॉलर थे।

सेवारत फैकल्टी मेंबर, जिन्होंने इस माह में कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ा, उनमें पोस्ट हार्वेस्ट इंजिनियरिंग विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद अली खान (60), राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो काजी मोहम्मद जमशेद (55), मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो साजिद अली खान (63), संग्रहालय विभाग के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान (62), महिला अध्ययन केंद्र के डॉ अजीज फैसल (40), इतिहास विभाग के डॉ जिबरईल (51), अंग्रेजी विभाग के डॉ मोहम्मद यूसुफ अंसारी (46), उर्दू विभाग के डॉ मोहम्मद फुरकान संभली (43) और जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर सैयद इरफान अहमद (62) का नाम शामिल हैं।

बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मौतों का सिलसिला पिछले माह से ही शुरू हो रखा है। पिछले माह उर्दू विभाग के फैकल्टी मेंबर प्रोफेसर मौला बख्स अंसारी, धर्मशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एहसानुल्लाह फहद, और विश्वविद्यालय पॉलिटेक्निक AMU सईद में चमड़े और जूते के अनुभाग के प्रभारी उज्मन (51) की कोरोना से मौत हो गई थी। इनके अलावा, अब तक सेवानिवृत्त हो चुके 10 फैकल्टी सदस्य भी कोविड के कारण दम तोड़ चुके हैं। इनमें जेएनएमसी के पहले बैच के छात्र, प्रोफेसर एम मुबाशीर (77), मेडिकल कॉलेज के पहले प्रिंसिपल और यूनिवर्सिटी के पहले छात्र शामिल हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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