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भारी बारिश के कारण आंध्र प्रदेश में 29 लोगों की मौत, 100 लोगों के बहने की आशंका, 20 हजार लोगों को बचाया गया

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और जिला कलेक्टरों के साथ समीक्षा बैठक में बाढ़ का पानी कम होते ही फसल के नुकसान का आंकलन करने लिए कहा। राहत के रूप में प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने का एलान किया है।

आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश से भयंकर तबाही मची है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार बारिश होने की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। दक्षिणी आंध्र प्रदेश के चित्तूर, कडप्पा, नेल्लोर और अनंतपुर जिलों में भारी बारिश के कारण फँसे 20,000 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है और उन्हें राहत शिविरों में भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 1,316 से अधिक गाँव जलमग्न हो गए हैं। वहीं, चार जिलों की अलग-अलग घटनाओं में 100 अधिक लोगों के बह जाने का अंदेशा है।

राज्य सरकार के अनुसार, भारतीय वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल सेवाकर्मियों ने अनंतपुरम, कडप्पा और चित्तूर जिलों में भीषण बाढ़ की चपेट में आए एक पुलिस निरीक्षक सहित कम-से-कम 64 लोगों को बचाया।

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार (20 नवंबर 2021) को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और जिला कलेक्टरों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ का पानी कम होते ही फसल के नुकसान का आंकलन करने लिए भी कहा। राहत के रूप में प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।

इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। इसी के साथ उन्होंने सभी के सुरक्षित रहने की प्रार्थना भी की।

बता दें कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के चलते गुरुवार (18 नवम्बर 2021) की रात से ही आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन शिव मंदिर में पूजा कर रहे श्रद्धालु भी बाढ़ की चपेट में आ गए थे। राज्य की पुलिस, भारतीय वायु सेना, एसडीआरएफ और दमकल सेवा बचाव कार्यों में लगी हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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