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हयातुनिसा ने दो बार ₹2-2 लाख कर्ज लिया, शौहर मुस्तफा ने सारे पैसे डुबोए, टोका तो बल्ले से पीट कर मार डाला

शनिवार को दोनों के बीच बहस छिड़ गई। इसके बाद मुस्तफा ने गुस्से में बल्ला उठाया और हयातुननिसा की पिटाई शुरू कर दी। हयातुनिसा की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह में पुलिस के सामने सरेंडर कर मुस्तफा ने घटना की जानकारी दी।

आंध्र प्रदेश के नरसरावपेट में तीखी बहस के बाद शौहर ने बीबी की बल्ले से मारकर हत्या कर दी। ग्रामीण पुलिस इंस्पेक्टर वाई अचैया ने बताया कि नरसरावोपेट के साई नगर इलाके में रहने वाले मुस्तफा और उसकी बीबी हयातुननिसा के बीच शनिवार (दिसंबर 21, 2019) रात को किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान मुस्तफा ने बीवी पर हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। दोनों का निकाह करीब 10 साल पहले हुआ था।

जानकारी के मुताबिक हयातुननिसा बर्नपेट के एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थी, जबकि मुस्तफा बेरोजगार था। पुलिस ने कहा कि हयातुननिसा ने मुस्तफा की मदद करने के लिए बार-बार प्रयास किए। यहाँ तक कि अपने पति के लिए कार खरीदने के लिए 2 लाख रुपए का ऋण भी लिया, ताकि मुस्तफा ट्रेवल बिजनेस करके कमा सके। लेकिन उसे नुकसान उठाना पड़ा, जिसके बाद उसने कार बेच दी। हयातुननिसा ने फिर से 2 लाख रुपए का ऋण लेकर मुस्तफा के लिए कपड़ों की दुकान खोल दी, मगर इस बार भी मुस्तफा की लापरवाही की वजह से नुकसान हुआ और दुकान बंद हो गया।

पुलिस ने बताया कि इस सबकी वजह से दोनों का रिश्ता तनावपूर्ण हो गया था। दोनों अक्सर लड़ते-झगड़ते रहते थे। शनिवार की रात को भी दोनों के बीच बहस छिड़ गई, जिसके बाद मुस्तफा ने गुस्से में बल्ला उठाया और हयातुननिसा की पिटाई शुरू कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

मुस्तफा ने रविवार (दिसंबर 22, 2019) सुबह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मुस्तफा के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर हयातुननिसा के शव को पोस्टमार्टम के लिए नरसरावपेट सरकारी क्षेत्र अस्पताल में भेज दिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले तेलंगाना में दो भाइयों ने बहस होने पर अपने जीजा सद्दाम की गला काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों मृतक का कटा हुआ सिर लेकर नामपल्ली पुलिस थाने पहुँचकर आत्मसमर्पण कर दिया था। इरफान और घोसे ने घटना को सड़क पर भरी दोपहर में अंजाम दिया थी। आरोपितों के हाथ में मृतक का कटा हुआ सिर देखकर पुलिस भी हैरत में पड़ गई थी। इरफान और घोसे चाकू से तब तक सद्दाम पर हमला करते रहे, जब तक कि उसका सिर धड़ से अलग नहीं हो गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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