Sunday, November 27, 2022
Homeदेश-समाज'I luv Burhan Wani', 'Mere Jaan Imran Khan', 'Zakir Musa come back' लिखे सेब...

‘I luv Burhan Wani’, ‘Mere Jaan Imran Khan’, ‘Zakir Musa come back’ लिखे सेब भेज रहे कश्मीरी

कश्मीर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है, और वह फल विक्रेताओं से भी मिल रही है। डीएसपी माजिद ने लोगों से मिल कर जाँच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कश्मीर से आप अगर फ़ल, खासकर कि कश्मीर की पहचान माने जाने वाले ‘कश्मीरी सेब’ खरीदने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आपके सेबों पर ‘ज़ाकिर मूसा वापस आओ, ‘मेरी जान इमरान खान’ लिखा हो सकता है।

खबरों के मुताबिक कश्मीर से जो सेब जम्मू की मंडियों में पहुँच रहे हैं, उन पर इस्लामी आतंकी ज़ाकिर मूसा, बुरहान वानी जैसे जिहादियों से लेकर पाकिस्तान और उसके तालिबान-समर्थक प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन के नारे लिखे हुए मिल रहे हैं। यही नहीं, सेबों पर ‘Go back India-Go back India’ जैसे हिंदुस्तान-विरोधी नारे भी लिखे हुए हैं। बताया जा रहा है कि काले मार्कर से यह संदेश अंग्रेज़ी और उर्दू में लिखे जा रहे हैं।

कश्मीर के बहिष्कार की धमकी

इन संदेशों को पढ़ कर उबले जम्मू के फल व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वे पाकिस्तान-विरोधी और जिहाद-विरोधी नारे लगाने लगे, और पुलिस और सरकार से यह हरकत करने वालों को ढूँढ़ने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने की माँग करने लगे। साथ ही कश्मीर और कश्मीरी सेबों के बहिष्कार की भी धमकी दी। उनका नेतृत्व कठुआ होलसेल मार्केट के अध्यक्ष रोहित गुप्ता कर रहे थे।

कश्मीर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है, और वह फल विक्रेताओं से भी मिल रही है। डीएसपी माजिद ने लोगों से मिल कर जाँच और कार्रवाई का आश्वासन दिया

सरकार को ‘करारा जवाब’?

सरकार की उनके ‘दिल जीतने’ की कोशिशों को कश्मीर घाटी के शांतिदूतों का यह ‘करारा जवाब’ है। पिछले ही महीने सरकार ने मुस्लिम-बहुल कश्मीर घाटी के सेब उत्पादकों को सही मूल्य दिलाने के लिए समर्थन-मूल्य आधारित खरीद योजना शुरू की थी- यह राज्य में पहली ऐसी योजना है। इसके पहले राज्य के दूर-दराज के हिस्सों में सेब उत्पादकों को फलों को बेचने के लिए भंडारण और परिवहन से जुड़ी कई समस्याओं से जूझना पड़ता था। 3 कार्य दिवसों (working days) के भीतर खरीद का मूल्य उत्पादकों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफ़र प्रणाली के ज़रिए पहुँचाने का भी प्रावधान इस स्कीम में है। यही नहीं, सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लिए 85 ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएँ भी चिह्नित कर रखीं हैं जिनके लिए बजटीय प्रावधान असीमित होंगे

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जो बच्चे कागज के जहाज बनाते थे, वो आज रॉकेट बना रहे हैं’ : PM मोदी ने की 95 वीं बार ‘मन की बात’,...

प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के दौरान G-20 शिखर सम्मेलन की चर्चा की। उन्होंने कहा G-20 की अध्यक्षता करना देश के लिए गौरव की बात है।

‘भारत के सभी मुस्लिम पहले हिन्दू थे’: बोले नीतीश की पार्टी के MLC गुलाम गौस – दलितों-मुस्लिमों-गरीबों की बात करने वाले इकलौते PM हैं...

नीतीश कुमार की JDU के नेता और बिहार के विधान पार्षद गुलाम गौस ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सभी मुस्लिम पहले हिन्दू थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
235,715FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe