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मोहर्रम का चाँद दिखते ही मौलाना ने कहा- इजाजत ना मिली तब भी निकालेंगे ताजिया, अरेस्ट करने के लिए पुलिस स्वतंत्र

कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि इमामबड़ा गुफरानमाब में मजलिस की अनुमति दे दी गई है, लेकिन यहाँ ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं होंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शर्त के मुताबिक, अकीदतमंदों को मास्क लगाना होगा व सैनिटाइजर या साबुन से हाथ भी साफ करने होंगे।

शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने बृहस्पतिवार (अगस्त 20, 2020) को धार्मिक आयोजनों के लिए पहले से ही सख्त कोविड प्रोटोकॉल के बाद सभी मुहर्रम आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए पुलिस कमिश्नर पर निशाना साधा है। लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने मोहर्रम के बीच ताजियों को घर से ले जाने देने की इजाजत ना देने पर पुलिस से नाराजगी जाहिर की है और इसके साथ ही, लखनऊ पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे को ज्ञापन सौंपकर ताजिया ले जाने की इजाजत माँगी है।

बताया जा रहा है कि मौलाना कि इस धमकी के बाद वहीं, देर रात प्रशासन ने इमामबड़ा गुफरानमाब में मजलिस के लिए सशर्त अनुमति दे दी है। कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि इमामबड़ा गुफरानमाब में मजलिस की अनुमति दे दी गई है, लेकिन यहाँ ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं होंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शर्त के मुताबिक, अकीदतमंदों को मास्क लगाना होगा व सैनिटाइजर या साबुन से हाथ भी साफ करने होंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मौलवी कल्बे जवाद, जो पुराने शहर में इमामबाड़ा गुफरानमाब के प्रबंधक मुतवल्ली हैं, ने विशेष रूप से मुहर्रम के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों को असंवैधानिक और अवैध बताया था। जवाद ने प्रशासन को यह भी चेतावनी दी थी कि वह कोविड -19 प्रोटोकॉल के बावजूद भी इमामबाड़ा में मजलिस (मजहबी उपदेश) आयोजित करेगा और अगर वे इस ‘असंवैधानिक आदेश’ के उलंघन का अपराधी मानते हुए उसे गिरफ्तार करते हैं, तो वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं देती है तो वो अपनी गिरफ्तारी देंगे।

मौलवी ने पुलिस आयुक्त के लिए एक लिखित बयान पेश किया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि यह आदेश केवल भ्रामक ही नहीं है बल्कि ऐसा भी है, जो समुदाय में तनाव पैदा कर रहा है। कल्बे जवाद ने कहा कि पुलिस का यह आदेश डब्ल्यूएचओ, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कोविड -19 के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों के भी खिलाफ है।

कल्बे जवाद ने कहा, “यदि प्रशासन अपने असंवैधानिक आदेश का पालन करता है, तो मुझे गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन मैं अपने समुदाय से अनुरोध करूँगा कि मेरी गिरफ्तारी का विरोध न करें और कोविड -19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें।”

गौरतलब है कि लखनऊ शिया और सुन्नी मरकजी चाँद कमेटी ने ऐलान किया है कि 20 अगस्त को मोहर्रम का चाँद दिख गया है, इसलिए बृहस्पतिवार यानी, 21 अगस्त को मोहर्रम की पहली तारीख होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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