Homeदेश-समाज'पाकिस्तान समर्थकों को असम बिलकुल नहीं करेगा बर्दाश्त' : पहलगाम आतंकी हमले के बाद...

‘पाकिस्तान समर्थकों को असम बिलकुल नहीं करेगा बर्दाश्त’ : पहलगाम आतंकी हमले के बाद जहर उगलने वाले 8 गिरफ्तार, विपक्षी MLA अमीनुल इस्लाम को भी पुलिस ने उठाया

सोशल मीडिया पर पहलगाम आतंकी हमले को लेकर विवादित टिप्पणी करने के मामले में असम में विधायक से लेकर छात्र तक गिरफ्तार किए गए हैं।

पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल को हुआ था। इसमें 28 पर्यटकों की मौत हो गई थी। मृतकों में देश भर के सैलानियों के साथ दो विदेशी पर्यटक भी थे। इस हमले पर दुनिया भर के लोग निंदा जता रहे हैं तो वहीं असम के विपक्षी विधायक अमीनुल इस्लाम ने इसे ‘सरकार की साजिश’ बता दी। हालाँकि इसके बाद उन्हें असम पुलिस ने कानून का पाठ पढ़ाया और गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ 8 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उन सभी पर कार्रवाई की जाएगी जो आतंकी हमले के बाद किसी भी तरह से पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। इस तरह के लोगों की गिरफ्तारी आगे भी चलती रहेगी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “असम ऐसे किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेगा, जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पाकिस्तान का समर्थन करता हो।”

23 अप्रैल 2025 को विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के विधायक अमीनुल इस्लाम ने दावा किया कि 14 फरवरी 2019 में पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर हुआ हमला और पहलगाम का आतंकी हमला सरकार की साजिश थी। नागाँव के निवासी अमीनुल इस्लाम को इसके बाद असम पुलिस ने भड़काऊ टिप्पणी के लिए गिरफ्तार कर लिया गया।

विधायक के अलावा सात अन्य लोगों को भी सोशल मीडिया पर हमले के समर्थन में बात करने वालों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक असम विश्वविद्यालय का छात्र भी है। उसने सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक और भड़काऊ पोस्ट करने के साथ ABVP की शिकायत के सदस्यों को भी अपना निशाना बनाया था। ABVP की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। अन्य गिरफ्तार लोगों में दो सिलचर के कछार और हाइलाकांडी, मोरीगाँव, नागाँव और शिवसागर जिले से एक-एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -