Monday, June 17, 2024
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‘UP पुलिस के हवाले मत करो’ : SC में खारिज हुई अतीक अहमद की याचिका, ‘जान का खतरा’ बता लगाई थी गुहार

अतीक अहमद ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर जान को खतरा बताया था। याचिका में माँग की गई थी कि उसे यूपी पुलिस के हवाले न किया जाए। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अतीक अहमद की सुरक्षा का ख्याल राज्य सरकार रखेगी।

प्रयागराज एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने से पहले अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा। अतीक अहमद ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर जान को खतरा बताया था। याचिका में माँग की गई थी कि उसे यूपी पुलिस के हवाले न किया जाए। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अतीक अहमद की सुरक्षा का ख्याल राज्य सरकार रखेगी।

अतीक अहमद की तरफ से दी गई याचिका पर जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट दखल नहीं दे सकती। सभी नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। इस दौरान अतीक की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि विधानमंडल में नेताओं द्वारा दिए गए बयान से अतीक के सुरक्षा को लेकर चिंता है। ऐसे में वो सुरक्षा की माँग कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी।

दरअसल, गुजरात के साबरमती जेल से उत्तर प्रदेश के नैनी जेल लाए गए अतीक अहमद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुनवाई की माँग की थी। इस याचिका में उसने गुजरात के साबरमती जेल से यूपी के नैनी जेल ट्रांसफर किए जाने का विरोध किया था।

याचिका में कहा गया था कि यूपी पुलिस अहमदाबाद में ही उनसे पूछताछ कर सकती है। साथ ही अर्जी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की बात कही गई थी। दरअशल, अतीक को एनकाउंटर का डर सता रहा है। सुप्रीम कोर्ट को दी गई याचिका में इस बात का भी जिक्र था।

दूसरी तरफ उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद को कोर्ट में पेश किया गया है। माफिया अतीक को उमेश पाल अपहरण केस में कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। साथ ही 17 साल पुराने केस में भी सबी 10 आरोपितों को दोषी करार दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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