Homeदेश-समाजअतीक अहमद के शार्प शूटर मुबारक खान की दो अवैध इमारतों पर चला योगी...

अतीक अहमद के शार्प शूटर मुबारक खान की दो अवैध इमारतों पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, देखें वीडियो

मुबारक खान ने 400- 400 वर्ग मीटर में दो अवैध इमारतों का निर्माण कराया था। एक ईमारत तो कब्रिस्तान की जमीन पर ही बना डाली गई थी। वहीं, दूसरी जमीन किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया है।

पूर्व सांसद अतीक अहमद के गैंग के शार्प शूटर मुबारक खान के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रयागराज प्रशासन ने उसकी संपत्ति को ध्वस्त किया है। प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीडीए) ने फरार चल रहे ग्राम प्रधान मुबारक खान की दो अवैध इमारतों को जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल करते हुए जमींदोज कर दिया। पीडीए से नक्शा पास कराए बिना ही ये अवैध निर्माण कराया गया था।

मुबारक खान ने 400- 400 वर्ग मीटर में दो अवैध इमारतों का निर्माण कराया था। एक ईमारत तो कब्रिस्तान की जमीन पर ही बना डाली गई थी। वहीं, दूसरी जमीन किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया है। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, मुबारक खान भूमाफिया और हिस्ट्रीशीटर है। साथ ही वो बक्शी मोढ़ा गाँव का ग्राम प्रधान भी है। करेली सहित कई थानों में उस पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

बुधवार (दिसंबर 9, 2020) को PDA के जोनल अधिकारी आलोक पांडे के नेतृत्व में टीम जेसीबी के साथ कार्रवाई के लिए पहुँची। पीडीए की कार्रवाई का मुबारक खान के परिवार की महिलाओं ने जम कर विरोध किया। उन सभी ने महिला पुलिस के साथ कहासुनी भी की और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की। घटनास्थल पर अभी भी भारी संख्या में पुलिस बल को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। माफियाओं की जमीनों पर अब उद्योग-धंधे लगेंगे। देखें कार्रवाई का वीडियो:

इससे पहले अतीक अहमद के साढ़ू इमरान जई की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाया गया था। नवंबर 17, 2020 को अतीक अहमद के साढ़ू इमरान जई के अवैध निर्माण पर योगी सरकार का बुलडोजर चला था। अतीक अहमद के साढ़ू इमरान जई के जिस अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, वो 2500 वर्ग गज का है और खुल्दाबाद के चकिया क्षेत्र में बनाया गया था।  इमरान जई ही अतीक अहमद के सारे अवैध कारोबार को संभालता है और उसके धंधों और सम्पत्तियों का प्रबंधन करता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -