Wednesday, June 19, 2024
Homeदेश-समाजमहिला स्वाथ्यकर्मियों पर हमले, जमातियों को ढूँढ़ रहे आदिवासी और ईसाई: ओडिशा में...

महिला स्वाथ्यकर्मियों पर हमले, जमातियों को ढूँढ़ रहे आदिवासी और ईसाई: ओडिशा में पुलिस अलर्ट

राउरकेला के आशियाँ कॉलनी में दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद से ही आदिवासियों, ईसाइयों की बहुलता वाले इलाक़ों में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है। अप्रैल 13, 2020 की रात ईसाई और आदिवासी समुदाय के लोग मशाल और टॉर्च लेकर निकले थे, ताकि गाँव में छिपे लोगों को ढूँढ़ा जा सके।

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के नाला रोड में सोमवार (अप्रैल 4, 2020) को स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। वहाँ कोरोना पॉजिटिव के कांटेक्ट में आए लोगों को लेने जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी पहुँची, पत्थरबाजी शुरू हो गई।

नाला रोड में एक 29 वर्षीय महिला को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उसे राउरकेला स्थित हाइटेक कोविड हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद स्वास्थ्यकर्मी उसके सम्पर्क में आने वालों को क्वारंटाइन करने के लिए पहुँचे थे।

टीम के पहुँचते ही स्थानीय लोगों ने एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस को एरिया के प्रबुद्धजनों के साथ बैठक करनी पड़ी, तब जाकर मामला शांत हुआ। कहा जा रहा है कि नाला रोड दूसरे समुदाय के प्रभाव वाला इलाक़ा है। इससे पहले इंदौर और भोपाल सहित कई स्थानों से पुलिस और स्वाथ्यकर्मियों पर हमले की ख़बर आ चुकी है। अधिकतर समुदाय विशेष के प्रभाव वाले इलाक़ों में ऐसा हुआ

केंद्र सरकार द्वारा कड़े नियम बनाए जाने के बावजूद स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। राउरकेला के कन्टेनमेंट एरिया में 50 आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ब्लड सैम्पल इकठ्ठा करने के लिए लगाया गया था। उन्होंने म्युनिसिपल कमिश्नर के सामने धरना दिया है। उनकी माँग है कि उन्हें उचित सुरक्षा-व्यवस्था मुहैया कराया जाए। सैम्पल कलेक्शन के दौरान उन पर थूक फेंके जा रहे हैं और केरोसिन डाल कर जलाने की कोशिश भी हो रही है।

जब पुलिस और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें उचित सुरक्षा-व्यवस्था दी जाएगी, तब जाकर उन्होंने अपना धरना ख़त्म किया। सैम्पल कलेक्शन के दौरान इन महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने और भद्दी भाषा का प्रयोग करने की भी ख़बर है। ओडिशा सरकार के प्रधान सचिव ने सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखे पत्र में अंदेशा जताया है कि महिला स्वास्थ्यकर्मी हमलों, गालियों और दुर्व्यवहार का शिकार हो सकती हैं।

उन्होंने आशंका जताई है कि अगर ऐसी स्थिति आती है तो राज्य में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन चालू हो जाएगा, जिससे क़ानून-व्यवस्था की समस्याएँ उपज सकती हैं। ओडिशा सरकार ने सभी जिलों की पुलिस को इस आलोक में अलर्ट रहने की सलाह दी है। ऐसी घटनाओं को लेकर सूचना इकट्ठी की जा रही है। अधिकारियों से कहा गया है कि वो सतर्क रहें, ताकि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर हमले रोके जा सकें, जिससे वो नाराज़ न हों।

प्रधान सचिव ने सभी जिलों की पुलिस को लिखा पत्र

दरअसल, राउरकेला के आशियाँ कॉलनी में मजहब विशेष के दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। प्रधान सच्ची ने कहा है कि इसके बाद से ही सुदूर आदिवासियों, ईसाइयों और मजहब वालों की बहुलता और प्रभाव वाले इलाक़ों में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है। ट्राइबल समुदायों के बीच ये बात फ़ैल गई है कि लोग अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपा रहे हैं और मरकज़ के दौरे को लेकर सरकार को सही जानकारी नहीं दे रहे।

अप्रैल 13, 2020 की रात ईसाई और आदिवासी समुदाय के लोग मशाल और टॉर्च लेकर निकले थे, ताकि गाँव में छिपे लोगों को ढूँढ़ा जा सके। उनका कहना था कि दिल्ली स्थित निजामुद्दीन के मरकज से आए तबलीगी जमात के लोग गाँव में छिपे हुए हैं, जिससे कोरोना फैलने का डर है। प्रधान सचिव का कहना है कि उन इलाक़ों में मजहब विशेष के लोगों के भीतर डर बैठ गया है, इसलिए उन्होंने पुलिस गश्ती बढ़ाने की माँग की है।

ओडिशा सरकार की ओर से पुलिस को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ईसाई और हिन्दू समुदाय दूसरे खास मजहब का पूर्ण बहिष्कार कर रहे हैं। वे न तो उनसे कुछ ख़रीद रहे हैं और न ही उन्हें कुछ बेच रहे हैं। ये बात भी फैली हुई है कि कुछ लोग सब्जियों और फलों पर जान-बूझकर थूक रहे हैं और फिर बेच रहे हैं। उनके बीच ये बात भी फ़ैल गई है कि गाँव के कुओं और लोगों के घर के सामने भी लोग थूक कर भाग जा रहे हैं।

मजहब विशेष के बहिष्कार पर उतरे आदिवासी और ईसाई

ये घटनाएँ राउरकेला और सुंदरगढ़ के इलाक़ों में हो रही है। कहा गया है कि स्थानीय पुलिस इन गतिविधियों से वाकिफ है और इलाक़े में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। इस पत्र में कहा गया है कि ख़ास मजहब वालों के मन में ये डर बैठ गया है कि कोरोना के प्रसार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और इसलिए क़ानून-व्यवस्था मुस्तैद रखने के लिए पुलिस को सतर्क रहना होगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -