Friday, September 17, 2021
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इंदौर फिर शर्मसार: गश्ती करते वक़्त पुलिस को पत्थर मारे, चेकिंग के दौरान रोका तो थूका

इससे पहले इंदौर में डॉक्टरों की टीम पर भी हमला हो चुका है। भोपाल में भी विशेष समुदाय की भीड़ ने पुलिस पर धारदार हथियारों से हमला कर 2 से 3 पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया था। उससे पहले 3 अप्रैल को खरगोन में पुलिस पर हमला किया गया था।

मध्य प्रदेश में पुलिस को निशाना बनाने की घटनाएँ थम नहीं रही। अब इंदौर से ऐसी दो घटनाएँ सामने आई है। इनमें से एक में गश्ती कर रहे जवानों पर पत्थरबाजी की गई तो दूसरी घटना में बाइक सवार युवकों ने रोके जाने पर पुलिसकर्मियों पर थूक दिया।

मंगलवार (अप्रैल 7, 2020) की शाम शहर के चंदन नगर में पुलिस पर हमला किया गया। यह इलाका कोरोना वायरस संक्रमण के लिहाज से संवदेनशील है। नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों के साथ गश्ती कर रहे कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह मोहल्ले में ये देखने गए थे कि लॉकडाउन का सही से पालन किया जा रहा है या नहीं। कुछ लोग सड़क पर खुलेआम मँडरा रहे थे।

जब पूछताछ की गई तो स्थानीय लोगों ने बहाना बनाया कि वो सब्जी ख़रीदने के लिए निकले हैं लेकिन सारी दुकानें जिला प्रशासन द्वारा बंद कराई जा चुकी हैं। जब उन्होंने स्थानीय लोगों से घर के अंदर जाने को कहा तो उन्होंने बात मानना तो दूर, उलटा पत्थर उठा कर चलाने लगे। पुलिस और समिति के पास कोई और विकल्प नहीं बचा तो उन्हें वहाँ से भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी

पुलिस ने इस मामले में नासिर, इस्लाम, समीर और सलीम को गिरफ्तार किया है। इन सब पर ‘नेशनल सिक्योरिटी एक्ट’ के तहत कार्रवाई की जाएगी। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और एसपी ने आदेश दिया है कि कॉन्स्टेबल 6 जवानों को लेकर ही गश्ती पर जाएँ। एसपी ने बताया कि पुलिस क़ानून का उल्लंघन करने वाले ऐसे लोगों से प्रभावी तरीके से निपट रही है। ‘न्यूज़ नेशन टीवी’ के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया ने आरोपितों का नाम बताते हुए कहा कि मानवता एक बार फिर से शर्मसार हुई है।

इस मामले में कुल 6 आरोपित थे, जिसमें से एक अभी भी फरार है। एसपी एमसी जैन ने पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेंद्र की भी तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने बहादुरी दिखाई। कॉन्स्टेबल ने वापस लौट कर हमलावरों को चिह्नित किया था। इससे पहले ताप्ती बाखल में महिला डॉक्टरों को निशाना बनाया गया था। उस मामले में 13 में से 4 आरोपितों के ख़िलाफ़ रासुका लगाया गया है। इंदौर में अब तक कोरोना के 173 मामले आ चुके हैं और 16 लोग मौत का ग्रास बन चुके हैं, इसीलिए यहाँ स्थिति चिंताजनक है।

दूसरी घटना शहर के छावनी चौराहे की है। पुलिसकर्मियों ने बाइक सवार युवकों मोइज अली और जुजेर हुसैन को रोका। उन्होंने मास्क नहीं पहन रखा था और बाहर निकलने की वजह भी नहीं बता पाए। पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की बात कही तो उन्होंने उन पर थूक दिया। एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इंदौर में डॉक्टरों की टीम पर भी हमला हो चुका है। भोपाल में भी विशेष समुदाय की भीड़ ने पुलिस पर धारदार हथियारों से हमला कर 2 से 3 पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया था। उससे पहले 3 अप्रैल 2020 को खरगोन में पुलिस पर हमला किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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