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दुर्गा पूजा पंडाल में आरती के दौरान बजाई गई अजान: शिकायत दर्ज लेकिन चुप है कोलकाता पुलिस

"हम सब जानते हैं कि कोलकाता में दुर्गा पंडाल इस प्रकार बनाए जाते हैं कि वो समाज को एक अच्छा संदेश दें। हमारी थीम - 'आम्रा एक, एका नोय' है। ये बिलकुल फर्जी बात है कि माँ दुर्गा की पूजा के दौरान अजान बजाई गई हो।"

कोलकाता के दक्षिण-मध्य में स्थित है बेलियाघाट। पूरे बंगाल की भाँति यहाँ के 33 पाली (Beliaghata 33 Pally) में भी दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन पूजा के नाम पर इनका (आयोजक का) मकसद कुछ और है। यहाँ के पूजा पंडाल से शांति-सद्भाव फैलाने के नाम पर अजान बजाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार घटना के संबंध में शांतनु सिंघ नामक एक वकील ने पुलिस को ईमेल भेजकर शिकायत भी की है। शांतनु ने अपनी शिकायत को धारा 295, 295 ए और 298 के तहत दर्ज कर जरूरी कार्रवाई करने की माँग उठाई है।

अपनी शिकायत में शांतनु ने पूजा पंडाल के क्लब सेक्रेट्री समेत 10 पर शिकायत दर्ज करवाई है। इनमें टीएमसी विधायक परेश पॉल का भी नाम शामिल हैं, क्योंकि यहाँ की पूजा के मुख्य आयोजक वही हैं। शांतनु का आरोप है कि पंडाल के आयोजक जानबूझकर ऐसी चीजें करके शहर की शांति को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं।

कोलकाता हाईकोर्ट के वकील शांतनु का कहना है कि उन्हें इस आयोजन का वीडियो विश्व हिंदू परिषद द्वारा भेजी गई है। उनको मिले वीडियो के अनुसार दु्र्गा पूजा पंडाल में अजान बजाया जा रहा है, जो कि हिंदू धर्म की भावनाओं के विरुद्ध है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने अभी तक इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन साइबर सेल पंडाल द्वारा शेयर किए जा रहे हर पोस्ट पर अपनी नजर बनाए हुए है।

पूजा आयोजकों का दावा है कि “आम्रा एक, एका नोय” उनके इस साल की थीम है। जिसका अर्थ “हम सब एक हैं, अकेले नहीं” है। इसका उद्देश्य हर धर्म में शांति फैलाना है।

पंडाल में लगा एक बैनर, फोटो साभार: swarajyamag

बेलियाघाटा के 33 पाली के क्लब सेक्रेटरी परिमल डे का पूरे मामले पर कहना है कि मामले का बेवजह राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम सब जानते हैं कि कोलकाता में दुर्गा पंडाल इस प्रकार बनाए जाते हैं कि वो समाज को एक अच्छा संदेश दें। हमारी थीम – ‘आम्रा एक, एका नोय’ है। इसे दर्शाने के लिए हमने चर्च, मंदिर, मस्जिद के प्रतीकों वाले मॉडल्स का इस्तेमाल किया। हमारा मकसद सिर्फ़ ये दिखाना है कि इंसानियनत सभी धर्मों से सर्वोपरि है।”

परिमल ने बताया कि इस थीम में तीनों धर्मों के बारे में बताने के लिए आयोजकों द्वारा ऑडियो-वीडियो का प्रयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ लोग कार्यक्रम में हिंदू और ईसाई धर्म से जुड़े संदेशों को नजरअंदाज करके सिर्फ़ ऊर्दू में दिए संदेश पर बवाल बना रहे हैं। उनके मुताबिक ये बिलकुल फर्जी बात है कि माँ दुर्गा की पूजा के दौरान अजान बजाई गई हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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