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मुर्शिदाबाद में इस्लामी हिंसा पर भड़के ‘बाबा बागेश्वर’, हिन्दुओं के पलायन पर जताई चिंता: कहा- इसके पीछे साजिश, लेकिन जल्दी सब बंद हो जाएगा

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा "देश में हिंदू डरे हुए हैं। यह सब पहले से ही योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यह देश और खासकर हिंदुओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि हिंदू एकजुट नहीं हैं। लेकिन, मेरा मानना है कि जल्द ही ये सब बंद हो जाएगा।"

बंगाल में वक्फ कानून के विरोध में हिंसा जारी हैं। मुर्शिदाबाद के अलावा राज्य के कई जिले इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा की आग में झुलस रहे हैं, जिसके चलते हिंदुओं का पलायन भी हुआ है। मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ‘बाबा बागेश्वर’ चिंतिंत है।

पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “मैंने सुना है कि वहाँ से हिंदू पलायन कर रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से भी हिंदू पलायन करेंगे।”

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा “देश में हिंदू डरे हुए हैं। यह सब पहले से ही योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यह देश और खासकर हिंदुओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि हिंदू एकजुट नहीं हैं। लेकिन, मेरा मानना है कि जल्द ही ये सब बंद हो जाएगा।”

दक्षिण 24 परगना में पुलिस से भिड़े आईएसएफ समर्थक

कोलकाता रैली में शामिल होने जा रहे आईएसएफ समर्थकों को जब दक्षिण 24 परगना में बसंती राजमार्ग पर भोजेरहाट के पास रोका गया। उस दौरान वहाँ पर मीनाखान और संदेशखाली से भी बड़ी संख्या में आईएसएफ समर्थक भी इकट्ठा थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर भीड़ ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिससे तनाव बढ़ गया। इसके बाद हिंसा शुरू हो गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शकारियों ने कुछ पुलिस वाहनों में आग लगा दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

मुर्शिदाबाद में कैसे भड़की हिंसा 

बता दें कि, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 8 और 11 अप्रैल को वक्फ कानून के विरोध के दौरान प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया। अब तक मुर्शिदाबाद हिंसा में 3 लोगों के मौत हो चुकी हैं। वहीं भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती के आदेश दिए थे। इस्लामी कट्टरपंथी हिंसा के चलते सैकड़ों हिंदू नदी पार करके पास के मालदा जिले में शरण लेने को मजबूर हुए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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