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ISF के उपद्रवियों की आगजनी, पुलिस पर भी हमला: मालदा, मुर्शिदाबाद और सिलीगुड़ी के बाद अब दक्षिणी 24 परगना में भड़की हिंसा

नाराज इस्लामी भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पथराव शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में सोमवार (14 अप्रैल 2025) को वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। जहाँ इस्लामी कट्टरपंथी तत्वों की मौजूदगी से भरे इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ जमकर झड़प की।

इंडियन सेक्युलर फ्रंट के हिंसक प्रदर्शन में कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें एक वैन और कई दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। पुलिस ने बताया कि इस झड़प में आठ पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि एक ISF कार्यकर्ता के सिर में चोट लगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ISF समर्थक कोलकाता के रामलीला मैदान में वक्फ कानून के खिलाफ रैली के लिए जा रहे थे। इस रैली को भांगर के विधायक और ISF नेता नौशाद सिद्दीकी संबोधित करने वाले थे। पुलिस ने बिना अनुमति के रैली की जानकारी मिलने पर बसंती हाईवे के पास भोजेरहाट में बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका। इससे नाराज इस्लामी भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पथराव शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला किया और वाहनों में आग लगा दी। कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।” प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ISF कार्यकर्ताओं ने बसंती हाईवे पर धरना देकर रास्ता जाम कर दिया, जिससे घंटों ट्रैफिक बाधित रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया। कुछ देर बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हुए और इलाके में शांति बहाल हो गई।

नौशाद सिद्दीकी ने वक्फ कानून को “मुसलमानों और संविधान पर हमला” करार देते हुए इसे वापस लेने की माँग की। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी ने कहा है कि बंगाल में यह कानून लागू नहीं होगा, फिर पुलिस हमें शांतिपूर्ण रैली क्यों रोक रही है?” ISF ने बीजेपी पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने और तृणमूल कॉन्ग्रेस पर विरोध दबाने का आरोप लगाया।

वहीं, तृणमूल कॉन्ग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला ने ISF को ‘महत्वहीन पार्टी’ बताते हुए कहा, “ये लोग अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इनका कोई जनाधार नहीं है।” बीजेपी ने हिंसा के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसे “जिहादी ताकतों का सुनियोजित हमला” बताया और केंद्र से हस्तक्षेप की माँग की।

यह हिंसा मुर्शिदाबाद की घटनाओं के बाद हुई, जहाँ वक्फ कानून के विरोध में शुक्रवार और शनिवार को इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा में तीन लोग मारे गए। वहाँ 200 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए। मुर्शिदाबाद के सुती, धुलियान और जंगीपुर में दुकानें, घर और होटल जलाए गए। हिंसा के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्रीय बल तैनात करने का आदेश दिया।

बता दें कि ममता बनर्जी ने शनिवार (12 अप्रैल 2025) को ऐलान किया था कि उनकी सरकार बंगाल में वक्फ कानून लागू नहीं करेगी। उन्होंने सभी धर्मों से शांति बनाए रखने की अपील की। फिर भी भांगर की घटना ने साबित कर दिया कि राज्य में तनाव कम नहीं हुआ है। पुलिस ने हाई अलर्ट जारी कर इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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