दफ्तर में इस्तेमाल हो रहा था प्लास्टिक कप, कलेक्टर ने खुद पर ही लगाया ₹5000 का जुर्माना

कलेक्टर ऑफिस में मीडिया कॉन्फ्रेंस चल रही थी। तभी पत्रकारों को प्लास्टिक की कप में चाय दी जाने लगी। जब एक पत्रकार ने कहा कि दफ्तर में प्लास्टिक कप का इस्तेमाल राज्य भर में प्लास्टिक पर लगे बैन का उल्लंघन है तो...

आस्तिक कुमार पांडे नामक बीड जिला कलेक्टर ने अपने ऑफिस में प्लास्टिक कप का इस्तेमाल होने पर अपने ऊपर ही 5000 रुपए का फाइन लगा लिया। ये हैरान करने वाला कदम कलेक्टर ने उस समय उठाया जब एक पत्रकार ने उनका ध्यान इस पर केंद्रित करवाया कि उनके दफ्तर में प्लास्टिक कप का इस्तेमाल होता है।

घटना सोमवार (अक्टूबर 7, 2019) की शाम की है, जब जिला प्रशासन ने कलेक्टर दफ्तर में मीडिया कॉन्फ्रेंस ये बताने के लिए करवाई कि उपचुनावों में कौन से उम्मीदवारों ने नामांकन वापसी के आखिरी दिन अपना नाम वापस लिया। लेकिन यहाँ कॉन्फ्रेंस में आए पत्रकारों को प्लास्टिक के कप में चाय दी जाने लगी। तभी उनमें से एक पत्रकार ने ये मुद्दा उठाया कि उनके दफ्तर में प्लास्टिक कप का इस्तेमाल राज्य भर में प्लास्टिक पर लगे बैन का उल्लंघन है।

जिसके बाद पत्रकार की बात का संज्ञान लेते हुए बीड कलेक्टर ने अपनी गलती मानी और स्वयं पर 5000 रुपए का फाइन लगाया। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद उन्होंने प्लास्टिक को दफ्तर में पूर्ण रूप से बैन न किए जाने पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई।

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इसके बाद जिला अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि चुनाव पूरे होने के बाद प्रशासन राजनैतिक रूप से संवेदनशील जिले में प्लास्टिक प्रतिबंध के कार्यान्वयन पर ध्यान देगा।

गौरतलब है कि कलेक्टर ऑफिस में प्लास्टिक इस्तेमाल का ये पहला मामला प्रकाश में नहीं आया है। बीते 8 दिनों में कलेक्टर ऑफिस में प्लॉस्टिक बैन के बावजूद इसका इस्तेमाल किए जाने का ये दूसरा मामला है। इससे पहले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने आया एक उम्मीदवार प्लास्टिक बैग में ही अपनी जमानत राशि लेकर आते पाया गया था, लेकिन अधिकारियों की नजर पड़ने के बाद उस पर 5000 रुपए का जुर्माना लगा दिया गया था।

बता दें कि दफ्तर में नियम का उल्लंघन होता देख खुद पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाने वाले आस्तिक कुमार पांडे पिछले साल विभाग की दीवारों और कोनों में फैली गंदगी को खुद साफ करने के कारण भी चर्चा में आए थे। इस दौरान पान और गुटखे की पीक से रंगी दीवारों को साफ़ करती हुई उनकी तस्वीरें काफी चर्चाओं का हिस्सा बनीं थीं।

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