Homeदेश-समाज₹31 करोड़ के साथ फजल और फैसल समेत 4 गिरफ्तार: चल रहा था मनी...

₹31 करोड़ के साथ फजल और फैसल समेत 4 गिरफ्तार: चल रहा था मनी लॉन्ड्रिंग का खेल, 185 बैंक खातों का इस्तेमाल कर गड़बड़झाला

पुलिस ने चारों आरोपितों के पास से 31 करोड़ रुपए से अधिक की रकम बरामद की है। इसके अलावा पुलिस को 20 लाख रुपए की राशि भी मिली, जिसे कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के जरिए 185 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।

बेंगलुरु पुलिस ने केरल से चार लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान फजल, फैसल, मोहम्मद साहिल और अब्दुल मानस के रूप में हुई है। इनकी उम्र लगभग 30 साल है और जेपी नगर VI स्टेज के रहने वाले हैं।

पुलिस ने चारों आरोपितों के पास से 31 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाबी रकम बरामद की है। इसके अलावा पुलिस को 20 लाख रुपए की राशि भी मिली, जिसे कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के जरिए 185 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने चारों के पास से 2,656 कैश डिपोजिट रसीदें भी बरामद की हैं।

शुरुआती जाँच के बाद पता चला कि आरोपितों ने केरल के व्यापारियों और ट्रेडर्स से नकदी स्वीकार की, जिसके बाद उन्होंने सीडीएम द्वारा अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजे। डीसीपी (दक्षिण) हरीश पांडे ने कहा कि मुख्य आरोपित साहिल को 21 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था, जब वह पुत्तनहल्ली में एक एटीएम कियोस्क के बाहर संदिग्ध तरीके से व्यवहार कर रहा था।

साहिल 30 मिनट से अधिक समय तक कियोस्क के अंदर बड़ी रकम जमा करता रहा। जब एक आदमी ने उससे पूछा कि वह इतना समय क्यों ले रहा है, तो साहिल ने उसे कुछ पैसे देकर लुभाने की कोशिश की। परेशानी को भाँपते हुए उस व्यक्ति ने कतार में इंतजार कर रहे अन्य लोगों को सचेत किया, तो साहिल ने तमंचा निकाला और उस व्यक्ति को धमकाया। जिसके बाद राहगीरों ने साहिल को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

पांडे ने आगे कहा “साहिल और उसके सहयोगियों का व्हाट्सएप पर जमा किए जाने वाले बैंक खातों और राशियों का विवरण मिलेगा। उनके जेपी नगर स्थित आवास पर उनसे मिलने आए व्यापारियों ने नकदी उन्हें सौंपी। तदनुसार, वे शहर में विभिन्न सीडीएम के माध्यम से नकद जमा करेंगे। इसके लिए, प्रत्येक को हर महीने 60,000 रुपए का भुगतान किया गया था।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

स्किन-केयर बिजनेस में पाकिस्तानी दे रहे इंसानी गर्भनाल से सहयोग, चीन से वियतनाम तक फैला था गिरोह: जानिए एंटी-एजिंग और कॉस्मेटिक उत्पादों में कैसे...

पाकिस्तान में अवैध रूप से इंसानी गर्भनाल प्रोसेस कर विदेश भेजने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जहाँ अस्पतालों से प्लेसेंटा खरीदा जाता था।

शुद्ध पेट्रोल गायब, E10 का विकल्प नहीं और हर गाड़ी पर E20 का बोझ: एथेनॉल नीति अच्छी, लेकिन आम आदमी को ईंधन चुनने की...

एथेनॉल ब्लेंडिंग से तेल आयात घट सकता है और किसानों को फायदा हो सकता है, लेकिन एक ही ईंधन सब पर थोपने के बजाय लोगों को विकल्प मिलना चाहिए।
- विज्ञापन -