Sunday, July 14, 2024
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बेंगलुरु दंगे: 5 लोगों ने किया 200-300 की भीड़ का नेतृत्व, लगे-‘पुलिस को मारो और खत्म करो’ के नारे, 9 FIR दर्ज

यह दंगे संप्रदाय विशेष के कुछ स्थानीय नेताओं की एक बैठक के बाद शुरू हुए। इस बैठक का एजेंडा ही नवीन के पोस्ट पर विचार करना था। सदस्यों ने इस बैठक के बाद निर्णय लिया कि...

बेंगलुरु में मंगलवार (अगस्त 11, 2020) को हिंसा भड़कने के मामले में 5 लोगों का नाम FIR में शामिल किया गया है। इन पाँचों पर आरोप है कि इन्होंने ही 200-300 लोगों की इस्लामिक भीड़ को एकत्रित करके बेंगलुरु में दंगे करवाए

टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस एफआईआर पर रिपोर्ट की है। रिपोर्ट के मुताबिक FIR में बताया गया है कि भीड़ के पास पहले से माचिसें, पत्थर, रॉड जैसे हथियार थे। ये भीड़ कथित तौर पर नारे लगा रही थी, “पुलिस को मारो और खत्म करो।”

इन लोगों ने केजी हल्ली और डीजे हल्ली थाने में 11 अगस्त को आ गजनी करके हड़कंप मचाया था। इन्होंने पेट्रोल से भरी प्लास्टिक की बोतलें थाने में पुलिस के ऊपर फेंकीं थी।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि यह दंगे संप्रदाय विशेष के कुछ स्थानीय नेताओं की एक बैठक के बाद शुरू हुए। इस बैठक का एजेंडा ही नवीन के पोस्ट पर विचार करना था। सदस्यों ने इस बैठक के बाद निर्णय लिया कि वह इस मामले को पुलिस में लेकर जाएँगे। वहीं, कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन SDPI के सदस्य समेत कई इस्लामिक नेताओं ने विधायक के भतीजे के ख़िलाफ़ एक्शन लेने की ठानी।

पुलिस बताती है कि यह जानकारी फर्जी है कि पुलिस वाले नवीन के ख़िलाफ़ कंप्लेन नहीं स्वीकार कर रहे थे, जिसके कारण दंगे हुए और 3 लोग मारे गए व 60 पुलिस वाले घायल हुए।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, इस मामले में अब तक 9 FIR दर्ज हुई हैं और कहा जा रहा है कि साइबर पुलिस इस केस में और शिकायत दर्ज कर सकती है।

गौरतलब है कि हमने पहले इस बात की जानकारी दी थी कि कैसे संप्रदाय विशेष की भीड़ ने डीजे हल्ली थाने के बेसमेंट इलाके में घुसकर हिंसा की और 200-250 वाहनों को आग के हवाले झोंक दिया।

ऐसी वीडियोज भी सामने आई जहाँ इस्लामिक भीड़ के सामने लाचार पुलिस अधिकारी अपने वरिष्ठों से रो रोकर गोली चलाने की अनुमति माँग रहे हैं। लेकिन, तब भी घटना के अगले ही दिन SDPI पूरी घटना के लिए संप्रदाय विशेष की भीड़ की जगह बेंगलुरु पुलिस पर इल्जाम मढ़ देती है।

सुवर्ण न्यूज के अनुसार, संगठन के राज्य अध्यक्ष इलियास मुहम्मद थाम्बे ने बुधवार को दावा किया कि बेंगलुरु पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी में देरी की, जिससे संप्रदाय विशेष की भीड़ नाराज हो गई और बेंगलुरु की सड़कों पर हिंसा करने के लिए विवश हो गई।

बता दें इस पूरी घटना में 60 से ज्यादा पुलिसकर्मी पत्थरबाजी और दंगों के दौरान घायल हुए हैं। कम से कम 10 वाहन जिसमें दो डीसीपी की इनोवा गाड़ी थी, थाने के सामने तोड़ी गई। इसके बाद भीड़ ने डीजे हल्ली थाने के सामने ही वाहनों में आग भी लगाई।

पूर्व नियोजित दंगे में संप्रदाय विशेष की भीड़ ने थाने पर पेट्रोल बम और हथियारों से हमला किया। इस दौरान भीड़ अल्लाह हू अकबर और नारा ए तकबीर के नारे लगाती रही। मामला शांत पड़ने पर कर्नाटक गृहमंत्री ने आदेश दिए कि वह इन दंगों की जाँच करवाएँगें और जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई भी दंगाइयों से की जाएगी। इस पूरे केस में अभी तक 146 लोग गिरफ्तार हुए हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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