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लॉकडाउन में मामूली गलती करने वालों पर CM योगी मेहरबान: वापस होंगे 2.5 लाख से अधिक केस

सीएम ने कहा कि आम जनता पर करीब ढाई लाख मुकदमे दर्ज किए गए थे जिन्हें अब वापस लिया जाएगा। इन सभी के खिलाफ मास्क न पहनने या स्तरीय मास्क न पहनने जैसे मामले में केस दर्ज हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर भी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण में लॉकडाउन के दौरान मामूली या हल्की गलती करने वालों पर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा दिल दिखाया है। लॉकडाउन के दौरान कोविड प्रोटोकॉल में छोटी गलती करने वालों के खिलाफ प्रदेश सरकार केस वापस लेगी।

सीएम योगी के इस सराहनीय फैसले को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस केस वापसी के फैसले से करीब ढाई लाख से अधिक लोग लाभांवित होंगे। सीएम योगी ने कहा कि कोरोना वायरस के नियंत्रण को लेकर लॉकडाउन लगाया गया था। लॉकडाउन के दौरान कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन करने वालों को पकड़ कर पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। 

सीएम ने कहा कि आम जनता पर करीब ढाई लाख मुकदमे दर्ज किए गए थे जिन्हें अब वापस लिया जाएगा। इन सभी के खिलाफ मास्क न पहनने या स्तरीय मास्क न पहनने जैसे मामले में केस दर्ज हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर भी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब इन प्रकरणों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहनीय फैसला लिया है। 

इससे पहले योगी सरकार कोरोना गाइड लाइन का पालन न करने और लॉकडाउन तोड़ने को लेकर व्यापारियों पर दर्ज मुकदमे हटाने का भी ऐलान कर चुकी है। सीएम योगी के इस फैसले से लोगों को काफी राहत मिली है।

कोर्ट कचहरी के नहीं लगाने होंगे चक्कर

सीएम योगी के लॉकडाउन में आम जनता पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने के फैसले के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है। लोगों को अब कोर्ट-कचहरी के झंझट से छुटकारा मिल गया है। इससे पहले यूपी सरकार प्रदेशभर के व्यापारियों पर भी कोविड-19 और लॉकडाउन तोड़ने को लेकर दर्ज किए गए मुकदमे वापस ले चुकी है। तभी से सरकार आम जनता पर भी दर्ज मुकदमे वापस लेने का विचार कर रही थी। 

ऐसा करने वाला यूपी देश का पहला राज्य

कोविड-19 प्रोटोकॉल और लॉकडाउन उल्‍लंघन के मुकदमे वापस लेने की घोषणा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्‍य है। अब आम जनता पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के फैसले के बाद भी यूपी पहले पायदान पर पहुँच गया है। सरकार मुकदमे वापस लेने के साथ ही व्यापारियों को भविष्‍य में ऐसी स्थितियों में विशेष एहतियात बरतने की चेतावनी भी दे चुकी है। इन मुकदमों की वापसी से पुलिस और न्‍यायालय से भी बोझ कम होगा और उन्‍हें आवश्‍यक चीजों की जाँच के लिए मौका मिल सकेगा।  

लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर दर्ज हुए थे मुकदमे

कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ने और लॉकडाउन के उल्लंघन के कारण राज्य के हजारों व्यापारियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। इससे व्यापारी परेशान थे। कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा था कि अब इन व्यापारियों को कोविड-19 और लॉकडाउन तोड़ने के मामलों में पुलिस और कचहरी की दौड़ नहीं लगानी होगी। कहाँ-कितने व्यापारी और लोगों को इससे राहत मिलेगी, इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि करीब एक लाख व्यापारियों पर कोविड उल्लंघन के मुकदमे दर्ज किए गए थे।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के दिशा निर्देशन में यूपी ने कोरोना के खिलाफ सफलता हासिल की है। सकारात्‍मक कोविड मैनेजमेंट के साथ कोरोना मुक्‍त प्रदेश की ओर बढ़ते यूपी के कदम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में कोरोना का रिकवरी रेट 98 प्रतिशत हो गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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