Saturday, July 20, 2024
Homeदेश-समाजबिहार में सालभर में गिरे हैं 7 पुल, भागलपुर हादसे के बाद से एक...

बिहार में सालभर में गिरे हैं 7 पुल, भागलपुर हादसे के बाद से एक लापता: बोले CM नीतीश कुमार- ठीक से नहीं बना रहा है तभी न गिर जा रहा है

भागलपुर और खगड़िया जिलों को जोड़ने के लिए अगुवानी व सुल्तानगंज के बीच बन रहा पुल पिछले साल भी गिर गया था। बिहार में एक साल के भीतर 7 बार पुल गिरने की घटनाएँ हो चुकी हैं।

बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बन रहा पुल 4 जून 2023 को भरभरा कर गिर गया था। 1700 करोड़ की लागत से बन रहा यह पुल एक साल के भीतर दूसरी बार गिरा है। इस घटना के बाद से एक सुरक्षाकर्मी लापता है। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि सही तरीके से निर्माण नहीं होने के कारण यह पुल बार-बार गिर रहा है।

दरअसल, भागलपुर और खगड़िया जिलों को जोड़ने के लिए अगुवानी व सुल्तानगंज के बीच यह पुल बनाया जा रहा है। रविवार (4 जून 2023) को हुए हादसे के दौरान देखते ही देखते चंद सेकेंड के भीतर पुल जमीदोंज हो गया। निर्माणाधीन पुल के 10वे, 11वें और 12वें पाये का पूरा हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया। हादसे के बाद से पुल बना रही एसपी सिंगला कंपनी का एक गार्ड लापता है। गार्ड की तलाश में NDRF और SDRF की टीमें जुटी हुईं हैं। 

क्या बोले नीतीश कुमार

पुल गिरने को लेकर नीतीश कुमार ने कहा है,  “हमने इसे 2012 में बनाने का फैसला किया था। लेकिन 2014 में यह बनना शुरू हुआ। जिसको भी ठेका दिया है वह इतना लेट काम क्यों कर रहा है? 1 साल पहले जब यह पुल गिर गया था तब भी हमने कहा था। अब कल यह फिर गिर गया। इसलिए हमने विभाग के लोगों को कहा है कि देखिए और कार्रवाई कीजिए। ये कोई तरीका नहीं है। अब तक यह बन जाना चाहिए था। इतना देर क्यों हो रहा है? मुझे बहुत तकलीफ हुई है। इसे ठीक से नहीं बना रहा है, तभी ने यह बार-बार गिर जा रहा है।”

बता दें कि 1700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पुल को सीएम नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में जाना जाता है। गौरतलब है कि इससे पहले भी यह पुल 27 अप्रैल 2022 को तेज आँधी और बारिश के चलते ढह गया था। हालाँकि बिहार में पुल टूटने की घटना पहली बार नहीं हूई है। आँकड़ों पर नजर डालें तो बीते एक साल में राज्य में 7 बार पुल गिरने की घटनाएँ हो चुकीं हैं।

इसी साल बीते महीने 16 मई को बिहार के पूर्णिया जिले में एक निर्माणाधीन पुल कंक्रीट पड़ने के महज चार घंटे बाद ही ढह गया था। इससे पहले 19 मार्च 2023 को राज्य के सारण जिले में अंग्रेजों के जमाने का एक सड़क पुल गिरने से दो लोग घायल हो गए थे। वहीं, 19 फरवरी 2023 को पटना जिले के बिहटा सरमेटा में एक निर्माणाधीन पुल गिर गया था। इस साल की शुरुआत यानी कि 16 जनवरी 2023 को दरभंगा जिले के कुशेश्वर में ओवरलोड ट्रक के कारण लोहे का पुल गिर गया था।

इससे पहले 18 नवंबर 2022 को बिहार के नालंदा जिले के वेना में एक निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पुल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसी प्रकार की घटना 9 जून 2022 को बिहार के सहरसा जिले के सिमटी बख्तियारपुर में हुई। यहाँ पुल का एक हिस्सा गिरने से तीन मजदूर घायल हो गए थे। वहीं, 20 मई 2022 को पटना में अत्यधिक बारिश के चलते 136 साल पुराना पुल ढह गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बांग्लादेशी महिला के 5 छोटे बच्चे, 3 लड़कियाँ… इसलिए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दे दी जमानत: सपा विधायक की मदद से भारत में रहने...

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जेल में बंद एक बांग्लादेशी महिला हिना रिजवान को जमानत दे दी। महिला अपने बच्चों के साथ अवैध रूप से भारत में रही थी।

घुमंतू (खानाबदोश) पूजा खेडकर: जिसका बाप IAS, वो गुलगुलिया की तरह जगह-जगह भटक बिताई जिंदगी… इसी आधार पर बन गई MBBS डॉक्टर

पूजा खेडकर ने MBBS में नाम लिखवाने से लेकर IAS की नौकरी पास करने तक में नाम, उम्र, दिव्यांगता, अटेंप्ट और आय प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा किया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -