Video Viral: सरपंच असलम ने हिन्दू विधवा को गोमांस खिलाया, जबरन इस्लाम क़बूल करा अकबर से कराई शादी

"दोनों को छोड़ने के बदले में 25-25 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया। जान बचाने के लिए दोनों ने अपने-अपने खेत बंधक लगा कर कुल पचास हज़ार रुपए सरपंच को दिए।"

बिहार के अररिया ज़िले के बौंसी थाना क्षेत्र के फरकिया पंचायत में एक विधवा महिला का जबरन धर्म परिवर्तन और विवाह कराने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक आदमी और एक विधवा महिला को रस्सी से बांध रखा है और सरपंच उन्हें भरी पंचायत में छड़ी से पीट रहा है।

दरअसल, इस वीडियो के वायरल होने से मामले ने तूल पकड़ लिया है। ख़बर के अनुसार, विधवा महिला का जबरन धर्म परिवर्तन भी कराया गया। सरपंच की अगुआई में एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने घटना को अंजाम दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित महिला के पिता के आवेदन पर सरपंच समेत 16 लोगों के ख़िलाफ़ बौंसी थाने में FIR दर्ज कराई गई है।

ग्रामीणों ने दोनों के बीच अवैध संबंध होने का आरोप लगाया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद घटना की सूचना स्थानीय सरपंच मोहम्मद असलम को दी गई। सरपंच अपने दल-बल के साथ घटना-स्थल पर पहुँचा, जहाँ कुल 16 नामज़द व्यक्तियों ने पीड़िता व अकबर के साथ बेरहमी से मारपीट की।

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मारपीट के बाद सरपंच के समक्ष सभी आरोपितों ने मिल कर पंचायती की। पंचायती में दोनों को छोड़ने के बदले में 25-25 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया। पीड़ित के पिता ने कहा कि जान बचाने के लिए दोनों ने अपने-अपने खेत बंधक लगा कर कुल पचास हज़ार रुपए सरपंच को दिए। आरोप यह भी लगाया गया कि जुर्माना देने के बाद भी दोनों का जबरन विवाह कराने से पहले धर्म परिवर्तन करने के लिए गाय का मांस खिलाया।

इसके बाद सरपंच की मौजूदगी में सभी आरोपितों ने मारपीट कर विधवा महिला का अकबर के साथ जबरन शादी करा दी। इस घटना के बाद से दोनों (अकबर और पीड़िता) लापता हैं, काफ़ी खोजबीन के बाद भी दोनों का कुछ पता नहीं चल सका है। महिला के पिता ने आरोपितों के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करने की भी माँग की है।

एसएचओ साजीद आलम (बौंसी थाना) ने बताया कि पीड़िता के पिता की शिक़ायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। फ़िलहाल, मामले की जाँच चल रही है। जल्द ही पीड़िता को बरामद कर लिया जाएगा। वहीं, सरपंच ने अपनी ग़लती स्वीकार कर ली है। लेकिन, जुर्माने की रकम वसूले जाने की बात का असलम ने पूरी तरह से खंडन किया।

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