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सिवान में मस्जिद के पीछे झोले में रखा बम फटने से पिता-पुत्र की हालत नाजुक, सगीर साई को तलाश रही बिहार पुलिस

पुलिस सगीर के परिजनों में से तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई है, ताकि सगीर के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि सगीर भी इस बम धमाके में घायल था, लेकिन उसे फिर किसी ने नहीं देखा।

लगता है कि बिहार में बम ब्लास्ट होना रोजमर्रा वाली और आम बात हो गई है। ताजा मामला बिहार के सिवान जिले का है, जहाँ के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जुड़कन गाँव में मस्जिद के पीछे जबरदस्त ब्लास्ट हुआ है। इस ब्लास्ट में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए दोनों को पटना रेफर कर दिया गया है।

घायल जुड़कन निवासी विनोद माँझी और उसका तीन वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार है। चिकित्सकों ने बताया कि विस्‍फोट के कारण विनोद का शरीर काफी जल गया था। उसकी स्थिति नाजुक थी।

परिजनों ने बताया कि विनोद माँझी अपने बेटे सत्यम को लेकर गाँव की दुकान पर बिस्किट खरीदने गए थे। उसी दौरान उनकी मुलाकात सगीर साई नाम के व्यक्ति से हुई और उसने एक एक झोला दे दिया। सगीर ने किसी व्यक्ति का नाम लेते हुए कहा कि वह आएगा तो ये झोला उसे दे देना है। इसी बीच झोले में रखा बम ब्लास्ट हो गया।

हादसे के बाद सीवान पुलिस सगीर की तलाश में जुटी है ताकि यह पता चल सके कि सगीर बम कहाँ भेज रहा था। सीवान के एसपी अभिनव कुमार के मुताबिक, “वे बम कैसे थे और उसे कहाँ ले जा रहा था। पुलिस उसका आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है।”

रोती-बिलखती विनोद मांझी की माँ (तस्वीर: दैनिक भास्कर)

उन्होंने कहा, “पता चला है कि जिस व्यक्ति ने बम दिया था वह पटाखे का धंधा करता है। फिलहाल हम लोग जाँच कर रहे हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।”

मिली सूचना के मुताबिक, पुलिस सगीर के परिजनों में से तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई है, ताकि सगीर के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि सगीर भी इस बम धमाके में घायल था, लेकिन उसे फिर किसी ने नहीं देखा।

अभी कुछ दिन पहले ही बांका और फिर दरभंगा में बम ब्‍लास्‍ट हुआ था। जिसमें काफी नुकसान हुआ था। अभी ये मामले ठंडे भी नहीं हुए कि इस तरह की यह तीसरी घटना हो गई। ऐसे में पुलिस भी चौकन्नी हाे गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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