बिहार के सारण जिले के पट्टीशीतल गाँव में 10वीं कक्षा की छात्रा के गैंगरेप और हत्या का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़िता की माँ ने गाँव के ही 5 युवकों पर आरोप लगाए हैं जिनमें से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है पाँचों ने गैंगरेप के बाद छात्रा को कुएँ में फेंक दिया था जिसके चलते उसकी मौत हो गई। इस घटना में पीड़िता के सवर्ण समाज (राजपूत) से होने और आरोपितों के महादलित (पासवान) होने के चलते सोशल मीडिया पर नैरेटिव वॉर भी चल रहा है।
पुलिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि घटना में जिस तरह से त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए थी वो नहीं की गई है और घटना के तीन दिन बाद भी सभी आरोपितों को नहीं पकड़ा गया है। इस पूरे मामले में पीड़ित पक्ष और प्रत्यक्षदर्शी के दावों को पुलिस अभी स्वीकार करने से भी बच रही है। इस रिपोर्ट में जानें कि इस विषय पर किस पक्ष का दावा क्या है और पुलिस पर क्या उठ रहे हैं सवाल?
पीड़िता की माँ ने शिकायत में क्या कहा?
पीड़िता की माँ ने इस संबंध में डेरनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मृतका की माँ ने कहा है, “मेरी बेटी अपने पुराने घर पर समान लेने जाया करती हैं और बुधवार (11 मार्च 2026) को वह दोपहर के 03:00 बजे गई थी इसी बीच में पहले से घात लगाए बैठे 5 लोगों ने सामूहिक बलात्कार कर बेटी को घसीटते हुए कुएँ में डाल दिया जिससे उसकी मौत हो गई।”
इस मामले में 5 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है जिसमें सचिन कुमार माँझी, युवराज माँझी, चंदन माँझी, अजय माँझी और विकास माँझी शामिल हैं। शिकायत में कहा गया है कि विकास माँझी ने एक बार और घर में घुस कर बलात्कार करने का प्रयास किया था और गाली-गलौज करते हुए कह रहा था कि ‘मैं घर में घुस कर सभी को मारुँगा’।
शिकायत में कहा गया है, “इसका विरोध करने पर पहले भी विकास ने धमकी दी थी कि इसका अंजाम बहुत बुरा होगा और उसने जो कहा उसका समय देखते हुए फायदा उठा कर 11 मार्च 2026 को अंजाम दे दिया जिससे मेरी पुत्री का उसी समय मौत हो गई। घटना के अंजाम देने के बाद सभी ने गाली गलौज की और बोला कि थाना-प्रशासन-कोर्ट हम खरीद लेंगे, हम लोगों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा ।”
मृतका की माँ ने पुलिस पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाया है और उनका कहना है कि पुलिस आई और बस चली गई।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी ने क्या बताया?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटना के दौरान लड़की जोर-जोर से बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थी। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिवार के सदस्य तुरंत मौके की ओर दौड़े। सबसे पहले उसकी माँ और बड़ी बहन वहाँ पहुँचने के लिए भागीं लेकिन उनके पहुँचने से पहले ही आरोपितों ने युवती का मुँह दबा दिया और इसके बाद वे उसे जबरन पैर से घसीटते हुए घर के बाहर ले गए।
प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि आरोपित युवती को करीब 10 मीटर दूर स्थित एक कुएँ तक ले गए और वहाँ उसे धक्का देकर कुएँ में गिरा दिया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपित मौके से भागकर पास के खेतों की ओर फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि आरोपित पहले भी लड़की को परेशान कर रहा था और उसे कई बार धमकी दे चुका था। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, छात्रा को कुएँ में धकेलने के बाद मुख्य आरोपित ने वॉट्सऐप पर भोजपुरी सॉन्ग का स्टेटस लगाया था। इसमें आरोपित ने ‘रानी हम बना लेहब तोहरा के दुल्हिनियाँ…अगर कोई बोला तो घर में घुसकर सबको मार डालेंगे’ पर लिप्सिंग की थी।
पुलिस ने अभी नहीं मानी गैंगरेप की बात, जानें क्या कहा?
सारण पुलिस ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर जो बयान जारी किया है उसमें गैंगरेप या रेप की बात का जिक्र नहीं किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में युवराज माँझी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने कहा, “एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु होने की सूचना प्राप्त मिली जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर कार्रवाई की। SP और SDPO ने घटनास्थल का दौरा किया और FSL की टीम ने भी सबूतों को परीक्षण किया। आरोपित युवराज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छाेपमारी की जा रही है।”
डेरनी थानान्तर्गत नाबालिग की सदिगध मृत्यु घटना का त्वरित उद्भेदन, 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार।#BiharPolice #BiharHomeDept #SaranPolice #HaiTaiyarHum @BiharHomeDept @bihar_police @SaranPolice pic.twitter.com/zCd5mIkOM7
— SARAN POLICE (@SaranPolice) March 12, 2026
सारण के SSP विनीत कुमार का कहना है कि हमें बताया गया है कि कुएँ में कूदने से नाबालिग बच्ची की मृत्यु हो गई थी। विनीत कुमार ने कहा कि मामले में SIT का गठन किया गया है और पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
#WATCH | Saran, Bihar: SSP Saran Vinit Kumar says, "A case was registered at the Gehni Police Station regarding an incident. a minor girl lost her life after jumping into a well. Consequently, the Additional SP and the SDPO (Sonepur) visited the scene to conduct an inspection.… pic.twitter.com/U81zBnFZRC
— ANI (@ANI) March 13, 2026
इस घटना को लेकर सारण (ग्रामीण) SP संजय कुमार ने ‘ऑपइंडिया’ से बातचीत में कहा कि पुलिस इस मामले पर त्वरित कार्रवाई कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपितों को भी पकड़ लिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर चल रहा ‘महादलित बनाम सवर्ण नैरेटिव’
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राजपूत बनाम पासवान का नैरेटिव भी खूब चल रहा है। कई लोगों ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई ना करने के चलते यह माहौल बन रहा है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राणा दीपू सिंह ने ‘ऑपइंडिया’ को बताया कि वो अपने साथियों के साथ पट्टीशीतल गाँव गए थे और लोगों से बात की और पता चला कि वहाँ पर 5 आरोपित वो मौके पर देखे गए थे। दीपू सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस का रवैया उदासीन रहा है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई नहीं है। उनका कहना है कि इस मामले में केवल एक शख्स गिरफ्तार है और मुख्य आरोपित फरार है और बाकियों का भी नहीं पता है।
परसा से RJD की विधायक करिश्मा राय भी मौके पर गई थीं लेकिन उन्होंने भी इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है। परसा से RJD की विधायक करिश्मा राय भी मौके पर गई थीं लेकिन उन्होंने भी इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है। जाति को लेकर जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि हम इसे जाति के एंगल से नहीं देख रहे हैं लेकिन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए। उनका कहना है कि अगर घटना में उल्टा होता यानि पीड़िता दलित या महादलित होती और आरोपित सवर्ण समाज से होते तो भी क्या इसी तरह का रवैया अपनाया जाता।

जाति से कुछ लेना-देना नहीं, कड़ी कार्रवाई हो: करिश्मा राय
‘ऑपइंडिया’ ने इस मामले पर विधायक करिश्मा राय से भी बातचीत की है। राय का कहना है कि उन्होंने खुद जाकर घटनास्थल का दौरा किया था। राय ने कहा कि यह घटना वीभत्स है और आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हैवान किसी भी जाति का हो वो हैवान ही होता है और ऐसी हैवानियत पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पीड़िता के परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि यह गैंगरेप के बाद की गई निर्मम हत्या है तो वहीं दूसरी ओर पुलिस फिलहाल इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत बताते हुए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों का इंतजार कर रही है। ऐसे में सच क्या है, यह अंतिम रूप से जाँच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो पाएगा।
हालाँकि, इस तरह की संवेदनशील घटनाओं में पुलिस की कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। जब परिवार और स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हों और सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी अभी तक न हुई हो तब स्वाभाविक रूप से प्रशासन पर सवाल उठते हैं। इससे समाज में अविश्वास का माहौल बनता है। यही कारण है कि इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर जातिगत नैरेटिव भी तेजी से उभरने लगे हैं।


