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‘TMC के गुंडों ने की एक और भाजपा कार्यकर्ता की हत्या’, लोगों ने पूछा- 2021 तक और कितनी मौतें होंगी?

"इस बार उन्होंने दुर्गापुर पूर्व के एक भाजपा कार्यकर्ता स्वरूप शॉ का अपहरण करके उसकी हत्या की। माँ-माटी-मानुष सरकार के नाम पर एक और राजनैतिक हत्या! बंगाल अब समय आ गया है इस जंगलराज को खत्म करने का। इस हत्यारी सरकार को उखाड़ फेंकने का।"

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का सिलसिला आज भी जारी है। ताजा मामला बंगाल के दुर्गापुर विधानसभा क्षेत्र का है। यहाँ एक बार फिर एक भाजपा कार्यकर्ता की निर्मम हत्या को अंजाम दिया गया है। मृतक का नाम स्वरूप शॉ है। स्वरूप पुरुलिया निवासी थे और क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम करते थे।

भाजपा बंगाल के ट्विटर हैंडल से स्वरूप शॉ की हत्या के लिए टीएमसी के गुंडो पर आरोप मढ़ा गया है। ट्वीट में लिखा गया, “इस बार उन्होंने दुर्गापुर पूर्व के एक भाजपा कार्यकर्ता स्वरूप शॉ का अपहरण करके उसकी हत्या की। माँ-माटी-मानुष सरकार के नाम पर एक और राजनैतिक हत्या! बंगाल अब समय आ गया है इस जंगलराज को खत्म करने का। इस हत्यारी सरकार को उखाड़ फेंकने का।”

स्वरूप की हत्या के बाद से लोगों में एक भय पैदा हो गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स यह देखकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि टीएमसी के गुंडों ने आज स्वरूप शॉ की हत्या कर दी। अभी तो 2021 के चुनाव आना बाकी है, पता नहीं यह लोग और कितने कार्यकर्ताओं की हत्या करेंगे

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता अरविंद मेनन लिखते हैं, “ममता के इशारों पर एक और भाजपा कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया है, दुर्गापुर पूर्व विधानसभा के रहने वाले श्री स्वरूप शॉ को घर से अगवा कर निर्मम रूप से उनकी हत्या कर दी गई। बंगाल में टीएमसी के राजनीतिक आतंकवाद का अंत अब निश्चित है।”

उल्लेखनीय है स्वरूप शॉ की हत्या के बाद से भाजपा कार्यकर्ता लगातार वहाँ प्रदर्शन कर रहे हैं। भारी तादाद में लोग अस्पताल के बाहर भी इकट्ठा हुए हैं, वहाँ भी स्वरूप के लिए इंसाफ माँगा जा रहा है।

याद दिला दें कि इससे पहले भाजपा कार्यकर्ता बिजॉय सिल का शव नदिया जिले में एक पेड़ से लटका मिला था। भाजपा ने आरोप लगाया था कि गायेशपुर का निवासी बिजॉय सिल उनका कार्यकर्ता था और तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने उसकी जान ले ली।

ऐसे ही पिछले महीने उत्तर 24 परगना जिले में अज्ञात बदमाशों ने टीटागढ़ पुलिस स्टेशन के सामने भाजपा मनीष शुक्ला की गोली मार कर हत्या की थी। मनीष पर हमला उस समय हुआ था जब वह पार्टी कार्यालय के पास बैठे थे। उसी दौरान कुछ हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और जब तक उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया, उनकी मृत्यु हो गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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