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ब्यूटी पार्लर में काम के बहाने नाबालिगों को ले जाती थी चलेमा खातून… अलाउद्दीन और मोईनदीन करते थे रेप… फिर देह व्यापार

उत्तरी चेन्नई चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्या एम ललिता ने बताया, "चलेमा खातून ने सबसे पहले 17 साल की लड़की को बेंगलुरु में देह व्यापार के धंधे में धकेला था। पीड़िता पहले से 2 बच्चों की माँ है और वह अपने पति से अलग रहती थी। यह गैंग पीड़िताओं के परिवारों से ब्यूटी पॉर्लर आदि की ट्रेनिंग दिलाने के बहाने उनके घर की लड़कियों को अपने साथ ले जाता था।

चेन्नई पुलिस ने बुधवार (26 जनवरी) को देह व्यापार में झोंकी गईं त्रिपुरा की 4 नाबालिग लड़कियों को बचा लिया है, जबकि चलेमा खातून सहित सभी चार आरोपित फरार बताए जा रहे हैं। इन सभी लड़कियों की उम्र 14 से 17 साल के बीच बताई जा रही है। इन लड़कियों को पार्लर का काम बता कर लाया गया था, इन लड़कियों के साथ रेप और शारीरिक प्रताड़ना जैसे अपराध भी किए गए थे। इस मामले में मुख्य आरोपिता चलेमा खातून के साथ-साथ मोईनदीन, अनवर हुसैन और अलाउद्दीन आरोपित किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी 4 पीड़िताओं को 17 जनवरी को त्रिपुरा से चेन्नई लाया गया था। लाने से पहले उनके परिजनों को 13,000 रुपए दिए गए थे। चेन्नई में इन सभी को केलमबक्कम (Kelambakkam) के 2 किराए के कमरों में रखकर देह व्यापार कराया जाता था। इन लड़कियों को हर रोज कम-से-कम 6 ग्राहकों के पास भेजा जाता था और शोषण का यह सिलसिला शाम 7 बजे से शुरू होकर सुबह तक जारी रहता था। इतना ही नहीं, हर लड़की पर प्रतिदिन 50,000 रूपये कमाने का दबाव भी बनाया जाता था। लड़कियों पर दबाव बनाने के लिए उनके अश्लील वीडियो बनाए गए थे। इसी की धमकी दे कर उन्हें ग्राहकों से सही से पेश आने का दबाव बनाया जाता था।

इन सभी लड़कियों को कर्फ्यू के बाद भी कई अलग-अलग जगहों पर भेजा गया। 26 जनवरी को केलबक्कम पुलिस को देह व्यापर रैकेट की सूचना मिली थी। बताया जा रहा है कि यह सूचना पीड़िताओं में से एक लड़की ने ही दी थी। सूचना पर एक हेड कॉन्स्टेबल और 4 अन्य सिपाही आरोपिता खातून के अड्डे पर पहुँच गए, लेकिन आरोप है कि उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय पैसे लेकर सभी को छोड़ दिया। Tambaram पुलिस कमिश्नर एम रवि के मुताबिक, इन सभी पुलिस वालों के खिलाफ विभागीय जाँच करवाई जा रही है। यदि आरोप सत्य पाए गए तो चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

38 वर्षीया अरोपिता चलेमा खातून सहित सभी आरोपियों पर फ्लावर बाजार पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, मानव तस्करी के साथ अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़िताओं की काउंसलिंग और मेडिकल परीक्षण प्रक्रिया चल रही है। उत्तरी चेन्नई चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की सदस्या एम ललिता ने बताया, “चलेमा खातून ने सबसे पहले 17 साल की लड़की को बेंगलुरु में देह व्यापार के धंधे में धकेला था। पीड़िता पहले से 2 बच्चों की माँ है और वह अपने पति से अलग रहती थी। यह गैंग पीड़िताओं के परिवारों से ब्यूटी पॉर्लर आदि की ट्रेनिंग दिलाने के बहाने उनके घर की लड़कियों को अपने साथ ले जाता था। इसके बाद वो 3 अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फँसाने में सफ़ल रहे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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