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चिन्मयानंद यौन शोषण मामला: हाईकोर्ट से अग्रिम ज़मानत की कोशिश में लॉ स्टूडेंट, SIT आज दाखिल करेगी स्टेटस रिपोर्ट

यौन शोषण के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे भेजे गए चिन्मयानंद से रंगदारी माँगने के मामले में गिरफ़्तारी से बचने के लिए पीड़ित छात्रा अपने पिता और भाई के साथ प्रयागराज पहुँच गई है। कयास लगाया जा रहा है कि पीड़िता अग्रिम ज़मानत के लिए याचिका दाखिल कर सकती है।

चिन्मयानंद यौन शोषण मामले में सोमवार (23 सितंबर) को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब तक हुई जाँच की कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट दाखिल करेगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने SIT को आदेश दिया था कि वो 23 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दे। 

वहीं, दूसरी तरफ़ यौन शोषण के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे भेजे गए चिन्मयानंद से रंगदारी माँगने के मामले में गिरफ़्तारी से बचने के लिए पीड़ित छात्रा अपने पिता और भाई के साथ प्रयागराज पहुँच गई है। कयास लगाया जा रहा है कि पीड़िता अग्रिम ज़मानत के लिए याचिका दाखिल कर सकती है। ख़बर के अनुसार, छात्रा, उसके पिता और भाई जब इलाहाबाद के लिए निकले तो उनके साथ हाईकोर्ट की महिला वकील शुभांगी सिंह और अंशुल भी मौजूद थे, यानी इलाहाबाद के लिए एक कार से पाँच लोग रवाना हुए।

अगर छात्रा को अग्रिम ज़मानत नहीं मिलेगी तो ऐसी सूरत में उसकी गिरफ़्तारी होना लगभग तय है। वहीं, छात्रा के दोस्त संजय, विक्रम और सचिन को रंगदारी माँगने के जुर्म में गिरफ़्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

इस मामले की जॉंच कर रही एसआईटी के अनुसार जनवरी 2019 से अगस्त महीने तक चिन्मयानंद और पीड़ित छात्रा के बीच 200 बार फोन पर बातचीत हुई थी। वहीं, पीड़ित छात्रा की उसके साथी संजय से इसी अवधि में 4200 बार कॉल पर बातचीत हुई। हालॉंकि, छात्रा और उसके परिजन इन आरोपों को ग़लत बताया और दावा किया कि उन्हें बेवजह फॅंसाने की कोशिश हो रही है।

मीडिया रिपोर्टों में पीड़ित छात्रा के हवाले से कहा गया कि संजय, सचिन और दुर्गेश ने किससे और कितने पैसे मॉंगे इसकी उसे कोई जानकारी नहीं। परेशान करने के लिए इस मामले में उसका नाम शामिल किया गया। दबाव बनाने की कोशिश हो रही थी जिससे चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ मज़बूत पैरवी न कि जा सके। इस संबंध में शनिवार (21 सितंबर) को छात्रा के पिता ने वकीलों से घंटों मशविरा किया। उनका कहना था कि उनकी बेटी का ही उत्पीड़न हुआ और अब उसे ही आरोपित बनाने की साजिश रची जा रही है।

ग़ौरतलब है कि गुरुवार (20 सिंतबर) को लॉ स्टूडेंट के साथ बलात्कार के आरोप में चिन्मयानंद को गिरफ़्तार कर लिया गया था। पीड़िता की तरफ़ से वीडियो जारी करने के बाद से ही चिन्मयानंद की गिरफ़्तारी की माँग लगातार उठ रही थी। वहीं, पीड़िता ने भी चिन्मयानंद को गिरफ़्तार न किए जाने पर आत्महत्या की धमकी दी थी।

बुधवार (सितंबर 18, 2019) को चिन्मयानंद की ख़राब तबीयत का हवाला देते हुए उन्हें ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री पर अपने ही कॉलेज की लॉ स्टूडेंट से रेप करने का आरोप है। पीड़िता की ओर से इस संबंध में लगातार कई विडियो जारी कर चिन्मयानंद पर आरोप लगाए गए थे। हालाँकि, चिन्मयानंद और उनके समर्थक लगातार कह रहे थे कि वह निर्दोष हैं और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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