Homeदेश-समाजमेरठ पुलिस पर गोली चलाने वाला दंगाई युवक हुआ कैमरे में कैद, जारी हुआ...

मेरठ पुलिस पर गोली चलाने वाला दंगाई युवक हुआ कैमरे में कैद, जारी हुआ Video

उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में हुई हिंसा में 288 पुलिसकर्मी घायल हुए है, जिनमें से 62 गोली लगने के कारण घायल हुए हैं। उपमुख्यमंत्री ने मीडिया को ये भी बताया कि जिन क्षेत्रों में हिंसा भड़कीं, वहाँ पुलिस ने 500 गैर-प्रतिबंधित कारतूस भी बरामद किया है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पिछले शुक्रवार (दिसंबर 20, 2019) को हुई हिंसा में पुलिस पर गोली चलाने वाले 2 युवकों की वीडियो मेरठ पुलिस ने जारी की। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नीली जैकेट पहना एक युवक पुलिस पर बंदूक ताने खड़ा है, लेकिन उसके मुँह पर नकाब है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने वीडियो जारी करते हुए बताया कि उन्हें दिसंबर 19 से दिसंबर 21 के बीच हुई हिंसा में इस तरह के हमले झेलने पड़े और इसी कारण उन्हें दंगाईयों को पलटकर जवाब देना पड़ा। बता दें पूरे राज्य में भड़की हिंसा के दौरान अभी तक जहाँ पूरे राज्य में 17-18 मौतें होने का दावा किया जा रहा है। उनमें से 6 मौतें अकेले मेरठ की घटना हैं।

n9n1ogjg

गौरतलब है कि राज्य के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी मीडिया से बातचीत के दौरान पुलिस पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए बता चुके हैं कि राज्य में 21 जिलों में हुई हिंसा में 288 पुलिसकर्मी घायल हुए है, जिनमें से 62 गोली लगने के कारण घायल हुए हैं। उपमुख्यमंत्री ने मीडिया को ये भी बताया कि जिन क्षेत्रों में हिंसा भड़कीं, वहाँ पुलिस ने 500 गैर-प्रतिबंधित कारतूस भी बरामद किया है। 

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इन घटनाओं की निंदा करते हुए दंगाईयों से कह चुके हैं कि दंगे करने वाले अपनी अंतरात्मा से पूछें कि उन्होंने सही किया है या नहीं। वहीं यूपी पुलिस की तारीफ करते हुए कह चुके हैं कि उन्होंने हिंसा रोकने के लिए अच्छा काम किया।

बता दें एक ओर जहाँ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सारी हिंसा के लिए सरकारी मशीनरी को जिम्मेदार बताते हुए प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शन को शांतिपूर्ण करार दे चुके हैं। वहीं डीजीपी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य के 7 जिलों में 100 करोड़ से ज्यादा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया है। जिसके मद्देनजर प्रशासन ने उन पर कार्रवाई करने के भी आदेश दे दिए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राहुल गाँधी जिस इमरजेंसी के नाम पर डरा रहे हैं, क्या भारत के मौजूदा हालात में वो संभव है? जानिए संवैधानिक प्रक्रिया और इमरजेंसी...

संविधान के तहत देशव्यापी आपातकाल के लिए केवल अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपातकाल) और अनुच्छेद 360 (आर्थिक आपातकाल) का ही प्रावधान है।

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।
- विज्ञापन -