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कैदी नंबर ‘241383’ ने पहली रात नहीं खाया खाना, केवल दवा ली: नवजोत सिंह सिद्धू को पटियाला सेंट्रल जेल में मिली नई पहचान

“जेल में उनके लिए विशेष भोजन की व्यवस्था नहीं है। यदि डॉक्टर किसी विशेष भोजन की सलाह देते हैं, तो वह जेल की कैंटीन से खरीद सकते हैं या खुद बना सकते हैं।”

पंजाब कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को पटियाला सेंट्रल जेल में नई पहचान मिली है। यह पहचान है ‘कैदी नंबर 241383’ का। 34 साल पुराने रोडरेज के केस में सुप्रीम कोर्ट से एक साल की सजा पाने के बाद कॉन्ग्रेस नेता शुक्रवार (20 मई 2022) को जेल पहुँचे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में सभी कैदी की पहचान उनके नंबर से होती है। ऐसे में कॉन्ग्रेस नेता को ‘कैदी नंबर 241383’ की पहचान मिली है। यहाँ उन्हें एक साल तक सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस दौरान प्रतिदिन काम करने के बदले उन्हें 30 से 90 रुपए तक की मजदूरी मिलेगी। यहाँ उन्हें रहने के लिए 10×15 का एक बैरक दिया गया है, जिसमें उनके साथ चार और कैदी पहले से हैं। इनमें से दो पूर्व पुलिसकर्मी हैं और दो आम नागरिक हैं।

सिद्धू ने शुक्रवार की शाम को सरेंडर किया था। उन्हें जेल भेजे जाने के बाद जेल के मैनुअल के हिसाब से शाम को 7:15 बजे दाल-रोटी खाने के लिए दी गई थी। हालाँकि कुछ दवा उन्होंने ली। रिपोर्ट में जेल के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है, “जेल में उनके लिए विशेष भोजन की व्यवस्था नहीं है। यदि डॉक्टर किसी विशेष भोजन की सलाह देते हैं, तो वह जेल की कैंटीन से खरीद सकते हैं या खुद बना सकते हैं।” जेल में सिद्धू को एक कुर्सी टेबल, कैदियों के सफेद कपड़े, एक आलमारी, 2 पगड़ी, एक कंबल, एक बेड, तीन अंडरवियर और बनियान, 2 टॉवल एक मच्छरदानी, कॉपी पेन, 2 जोड़ी जूते, 4 जोड़ी कुर्ता-पायजामा औऱ 2 बेडशीट दिए गए हैं।

गौरतलब है कि 1988 के रोडरेज केस में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। चार साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 1000 रुपए का जुर्माना लगाकर क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू को छोड़ दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस केस में गुरुनाम सिंह नाम के जिस बुजुर्ग की मौत हुई थी, उनके परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की थी। शीर्ष अदालत का ताजा फैसला इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए आया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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