Homeदेश-समाजकॉन्ग्रेसी ट्रॉल महोदय, थूक बचाकर रखें! मई में फिर काम आएगा: कुमार विश्वास

कॉन्ग्रेसी ट्रॉल महोदय, थूक बचाकर रखें! मई में फिर काम आएगा: कुमार विश्वास

कमेंट की भाषा को भाँपकर कुमार विश्वास फ़ौरन समझ गए कि ये कोई कॉन्ग्रेस का इंटरनेट ट्रॉल है और उन्होंने तुरंत सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए ट्रॉल को लोकसभा चुनाव का परिणाम देखने की बात कह डाली।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को ‘आत्ममुग्ध बौना’ कहने वाले युवाओं के चहेते कवि कुमार विश्वास आजकल लगातार आग उगल रहे हैं। अपनी हाजिरजवाबी के कारण कुमार विश्वास बहुत पसंद किए जाते हैं। लेकिन आज एक कॉन्ग्रेस के ट्रॉल को देखते ही पहचान लेने के बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस को भी अपने कटाक्ष का निशाना बनाने में कोई चूक नहीं की।

हुआ ये कि कुमार विश्वास ने अंतरर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जयशंकर प्रसाद की एक कविता ट्विटर पर पोस्ट की। इसके बाद ट्रॉल्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया। कमेंट की भाषा को भाँपकर कुमार विश्वास फ़ौरन समझ गए कि ये कोई कॉन्ग्रेस का इंटरनेट ट्रॉल है और उन्होंने तुरंत सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए ट्रॉल को लोकसभा चुनाव का परिणाम देखने की बात कह डाली। विश्वास के समर्थकों ने उन पर अभद्र टिप्पणी करने वाले शख्स की जमकर क्लास लगाई।

जानिए क्या था असल में पंगा

अंतरर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुमार विश्वास ने जयशंकर प्रसाद की कविता ‘नारी! तुम केवल श्रद्धा हो’ का वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया। जयशंकर प्रसाद की इस कविता को कुमार विश्वास ने खुद वीडियो बनाया और बोल भी दिए हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रॉल किया जाने लगा।

यह थी ‘ज़हर उद्दीन’ ट्रॉल की दिक्कत

ट्विटर पर एक यूजर ने कवि जयशंकर प्रसाद के लिए अभद्र टिप्पणी करते हुए कुमार विश्वास पर निशाना साधा। उसने लिखा, ‘‘थू है ऐसे कवि पर, जिसने इस कविता में नारी को केवल श्रद्धा माना है और ऐसी वाहियात पक्तियाँ लिखीं। ये सामंती मानसिकता की पंक्तियाँ चुनकर आपने अपनी मानसिक स्तर का परिचय दिया है।’’ ये टिप्पणी करने वाले युवक का नाम था मुबिन जहूरुद्दीन।

इस पर कवि कुमार विश्वास ने जवाब दिया

कुमार विश्वास ने जयशंकर प्रसाद परअभद्र टिप्पणी करने वाले मुबिन जहूरुद्दीन को जवाब हुए लिखा, ‘‘हे जहर उद्दीन जी, ये पक्तियाँ मेरी नहीं, बल्कि विश्व के सबसे बड़े कवियों में से एक, स्वतंत्रता सेनानी, चंद्रशेखर आजाद के मित्र, नेहरू जी के प्रिय कवि स्वर्गीय जयशंकर प्रसाद जी की हैं। आप कॉन्ग्रेस से हैं। थूक बचाकर रखें, मई में फिर काम आएगा।’’

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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