Homeदेश-समाजरतन लाल की हत्या से बस थोड़ी देर पहले का विडियो, बुरके-टोपी वालों की...

रतन लाल की हत्या से बस थोड़ी देर पहले का विडियो, बुरके-टोपी वालों की भीड़ ने तोड़ डाला था CCTV कैमरा

विडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से भीड़ ने आकर सबसे पहले वहाँ पर CCTV कैमरा को तोड़ा।

नागरिकता कानून (CAA) के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई हिंसा के दौरान जान गँवाने वाले दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल को जिस जगह पर पत्थरबाजों ने घेर कर मारा था, वहाँ का एक विडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।

इस विडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से भीड़ ने आकर सबसे पहले वहाँ पर CCTV कैमरा को तोड़ा। बता दें कि फरवरी 24, 2020 को पत्थरबाजी के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की जान चली गई थी।

ट्विटर यूजर @pokershash ने एक विडियो शेयर करते हुए लिखा है- “यही वो जगह है, जहाँ हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल का बलिदान हुआ था। यही वो जगह है, जहाँ बुरका और टोपी पहने हुए हजारों की भीड़ ने दिल्ली पुलिस पर हमला किया। देखिए, किस तरह से उन्होंने पुलिस पर हमला करने से पहले CCTV कैमरा को तोड़ दिया। यहाँ तक कि इसके बाद उन्होंने जश्न भी मनाया। #AntiHinduRiot।”

विडियो बना रहे व्यक्ति को कहते हुए सुना जा सकता है कि मास्क लगाकर वो लोग CCTV कैमरा तोड़ रहे हैं।

दिल्ली हिंसा में मारे गए राजस्थान में सीकर जिले के रहने वाले हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल को केंद्र सरकार ने शहीद का दर्जा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत दौरे से ठीक पहले दिल्ली में भड़के इन दंगों में कई लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी, जिनमें से हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल भी एक हैं।

रतन लाल के अलावा आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की भी निर्ममता से चार सौ बार चाकू गोदकर हत्या की गई। उनकी लाश अगले दिन एक नाले से बरामद हुई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -