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मुंबई के KEM अस्पताल में कोरोना ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी की मौत, स्ट्राइक पर बाकी स्टाफ, लगाए कई आरोप

भले ही मुंबई के अस्पताल में हुई इस स्ट्राइक में डॉक्टर्स शामिल नहीं है। लेकिन, इन स्वास्थ्य कर्मचारियों के काम रोकने से जाहिर है अस्पताल के काम-काज में बहुत फर्क आएगा। क्यूँकि इनमें से अधिकांश वे लोग है, जो परिसर की साफ-सफाई करते हैं या फिर मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने में मदद करते हैं।

मुंबई के केईएम अस्पताल (KEM HOSPITAL) में कोरोना वायरस वार्ड में तैनात स्वास्थ्यकर्मी की रविवार को मौत के बाद अस्पताल का कॉन्ट्रैक्चुअल स्टाफ स्ट्राइक पर चला गया।

टाइम्स नॉऊ की खबर के अनुसार, 32 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मचारी जिसकी मौत हुई, वह भी अस्पताल में कॉन्ट्रैक्ट पर था और पिछले कुछ समय से उसकी बहुत तबीयत खराब थी। मगर, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने के कारण भी अस्पताल ने उसे छुट्टी नहीं दी और रविवार को उसकी मौत हो गई।

हालाँकि, कर्मचारी कोरोना संक्रमित था या नहीं इसके बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन, उसकी जाँच के लिए सैंपल भेज दिया गया है। प्रदर्शन पर बैठे कर्मचारियों की नाराजगी ये है कि प्रशासन ने न तो उनके साथी को उपयुक्त सुविधा प्रदान की और न ही किन्हीं मायनों में उनकी मदद करनी चाही।

इसके अलावा इस स्ट्राइक का एक दूसरा कारण ये भी बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे कर्मियों की शिकायत है कि उनका सुपरवाइजर उनके लिए काफी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करता है। खासकर तब जब वह वरिष्ठ अधिकारियों के मनमुताबिक काम नहीं करते।

प्रदर्शन पर बैठे लोगों का कहना है कि इन्हें प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिए गए हैं। फिर भी ये अपनी जान की बाजी लगाकर वहाँ काम करते हैं और उसके बदले उन्हें ये सब झेलना पड़ता है। इसलिए, यही कारण है कि उनके अंदर अब गुस्सा भर चुका है और उन्होंने ये स्ट्राइक करके काम को रोक दिया है।

अब, भले ही मुंबई के अस्पताल में हुई इस स्ट्राइक में डॉक्टर्स शामिल नहीं है। लेकिन, इन स्वास्थ्य कर्मचारियों के काम रोकने से जाहिर है अस्पताल के काम-काज में बहुत फर्क आएगा। क्यूँकि इनमें से अधिकांश वे लोग है, जो परिसर की साफ-सफाई करते हैं या फिर मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने में मदद करते हैं। इसके अलावा इस स्ट्राइक में कुछ नर्सें भी शामिल हैं। जो डॉक्टर्स के बाद मरीजों का ख्याल रखती हैं।

यहाँ बता दें कि कोरोना संकट के बीच में महाराष्ट्र के हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं। कल तक मुंबई में मौतों का आँकड़ा 1000 की संख्या पार कर गया। इस संबंध में नीतीश राणे ने एक ट्वीट भी किया है।

इन ट्विट्स में उन्होंने KEM अस्पताल के भीतर की फोटो शेयर की है और एक डॉक्टर की वीडियो को साझा करते हुए दुख जताया है कि इस संकट की घड़ी में जब वो हमारे लिए सबसे आगे हैं, उस समय उन्हें बहुत कम सैलरी दी जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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