उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक बड़े धर्मांतरण सिंडिकेट का खुलासा हुआ है, जिसकी तुलना छांगुर पीर के मामले से की जा रही है। इस सिंडिकेट का मुख्य सरगना उस्मान गनी बताया जा रहा है। वह SS मॉल और EG मार्ट का संचालक है।
SS मॉल का मालिक उस्मान गनी, उसकी बीवी तरन्नुम और साले गौहर अली पर उसी मॉल में काम करने वाली एक युवती ने धर्मांतरण और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में FIR दर्ज है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी। वहीं, अब सामने आया है कि रविवार (14 सितंबर 2025) को उस्मान गनी और उसकी बीवी दोनों मॉल में ताला बंद कर फरार हो गए हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। इसी बीच EG मार्ट का एक नया मामला सामने आया है। यहाँ काम करने वाले दाता त्रयनाथ मद्धेशिया नाम के कर्मचारी ने अपने पूरे परिवार के साथ इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है। अब वह अब्दुल रहमान बन चुका हैं। इस बात की पुष्टि ग्राम प्रधान राम नारायण गुप्ता और एडवोकेट विजय तिवारी ने की है।
एक और खुलासे के तहत यह भी सामने आया है कि खुखुंदू थाना क्षेत्र के रहने वाले उमेश सिंह की बेटी लक्ष्मी सिंह को उस्मान गनी के साले गौहर अली ने बहलाकर निकाह किया और धर्म बदलवाकर उसका नाम सलमा रख दिया। इस मामले में गौहर अली को जेल भेज दिया गया है। लक्ष्मी के पिता का कहना है कि उनकी बेटी को गुमराह किया गया है और अब वह उसी का साथ दे रही है।
आरोप है कि ये लोग युवतियों को लग्जरी लाइफ का लालच देकर व्यापारियों को सप्लाई करते थे। वहीं अब पीड़ित परिवारों को धमकियाँ भी दी जा रही हैं। मामले में सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा है कि जिले में छांगुर पीर जैसे सिंडिकेट को पनपने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं और SS मॉल और EG मार्ट की जाँच की माँग की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार खुलासों के बाद अब SS मॉल और EG मार्ट पर स्थानीय लोगों द्वारा भी जाँच की माँग उठाई जा रही है। विधायक के अनुसार, उस्मान गनी, उसकी बीवी और साले, सभी इस धर्मांतरण गिरोह में शामिल हैं और सुनियोजित तरीके से काम कर रहे हैं।


