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‘इस्लाम इजाजत नहीं देता’: दुबई से लौटे 4 युवकों का कोरोना टेस्ट से इनकार, कर्नाटक में ही हुई थी पहली मौत

मुस्लिम युवकों के इस रवैए ने शहर के अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों ने इन युवकों को हिरासत में लेकर जिला प्रशासन ये यह पता लगाने की मॉंग की है कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं।

सवाल: भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से पहली मौत कहॉं हुई थी?
जवाब: कर्नाटक के कलबुर्गी में।
सवाल: मृतक कौन थे?
जवाब: 76 साल के मोहम्मद हुसैन सिद्दिकी।
सवाल: वे कहॉं से लौटे थे?
जवाब: दुबई।

ऊपर के सवाल-जवाब को रट्टा मार लीजिए और अब उस खबर पर गौर करिए जो कर्नाटक से ही आ रही है। यह खबर भी कोरोना से ही जुड़ी हुई है। उसी कोरोना से जिसका संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है और इसका प्रसार रोकने के लिए सरकार एक के बाद एक कदम उठा रही है। लोगों से भी सतर्कता बरतने को कहा जा रहा है।

लेकिन कर्नाटक के भटकल शहर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के चार मुस्लिम युवकों ने मेडिकल टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है। वे हाल ही में दुबई से लौटे हैं। पब्लिक टीवी के मुताबिक इन युवकों का कहना है कि इस्लाम मेडिकल टेस्ट की इजाजत नहीं देता है, इसलिए वो जाँच नहीं करवाएँगे।

अपडेट (17/03/2020, 21:31PM) : पब्लिक टीवी ने वो खबर हटा ली है, ऑपइंडिया इसकी वृहद् जाँच कर रहा है।

कोरोना वायरस का संक्रमण सामने आने के बाद से ही कर्नाटक की मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है। उत्तर कन्नड़ जिला प्रशासन ने भी आइसोलेशन वार्ड सहित तमाम चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम किया है। बाहर से आने वाले लोगों की जॉंच भी हो रही है। मकसद है घातक वायरस का संक्रमण रोकना। जिला अधिकारी मेडिकल चेकअप के लिए डोर-टू-डोर कैंपेन भी कर रहे हैं। बावजूद इसके इन युवकों की लापरवाही चौंकाने वाली है।

खबर के अनुसार जिला अधिकारी मेडिकल टीम के लिए साथ भटकल के मुस्लिम बहुल इलाकों में मेडिकल चेकअप करने गए थे। इसी दौरान चार मुस्लिम युवकों को एहतियात के तौर पर मेडिकल टेस्ट कराने के लिए कहा गया। ये चारों शुक्रवार को दुबई से लौटे हैं। लेकिन चारों ने मेडिकल टेस्ट करवाने से मना कर दिया। अधिकारियों को धमकी देते हुए वापस जाने के लिए कहा। जाँच कराने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है।

मुस्लिम युवकों के इस रवैए ने शहर के अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों ने इन युवकों को हिरासत में लेकर जिला प्रशासन ये यह पता लगाने की मॉंग की है कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं।

इस बीच उत्तर कन्नड़ जिले के अधिकारियों ने एक ही परिवार के 14 लोगों को भी आइसोलेशन वार्ड में रखा है, जो मक्का और मदीना की धार्मिक यात्रा से लौटे थे। बता दें कि इस परिवार के सदस्यों ने 76 वर्षीय मोहम्मद हुसैन सिद्दिकी के साथ सऊदी अरब की यात्रा की थी। वही, सिद्दीकी जिनके बारे में आपको ऊपर सवाल-जवाब में जानकारी दी गई है।

गौरतलब है कि चीन के वुहान शहर से यह संक्रमण शुरू हुआ था। अब तक दुनिया के 116 देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। कोरोना वायरस संक्रमण 5,833 लोगों की जान ले चुका है। दुनियाभर में 1,55,086 लोग इससे संक्रमित हैं। यही कारण है कि WHO ने बुधवार को इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया था। भारत में इससे अब तक दो मौतें और 93 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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